- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- जबलपुर
- /
- डी मार्ट की एन्ट्री-एग्जिट व्यवस्था...
Jabalpur News: डी मार्ट की एन्ट्री-एग्जिट व्यवस्था खतरनाक..भीड़ मैनेजमेंट लापता

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। डी मार्ट में बाजार से सस्ता और ऑफरों का झुनझुना दिखाकर खरीददारों की भीड़ तो बुला ली जाती है, परंतु भीड़ का प्रबंधन दूर-दूर तक नजर नहीं आता है। बिलहरी और विजय नगर स्थित डी मार्ट की एन्ट्री और एग्जिट व्यवस्था इतनी ‘संकीर्ण’ है कि अगर कोई हादसा हो जाए तो लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। ग्राहकों के अंदर जाने के लिए एकमात्र संकरा प्रवेश द्वार है। यहां से अंदर तभी जाने दिया जाता है, जब इलेक्ट्रॉनिक गेट से ‘बीप’ की आवाज आती है।
बाहर निकलते समय भी लगभग यही हालात निर्मित हो जाते हैं। एक साथ काउंटर पर बिल चुकाने वाले ग्राहकों की भीड़ जब उमड़ती है तो लोग सरक-सरक कर निकलने मजबूर हो जाते हैं। यहां पर एक सिक्योरिटी गार्ड खड़ा होता है, जो केवल बिल देखता है, बाकी लोग बाहर कैसे निकलें तथा बच्चों और महिलाओं को क्या तकलीफ हो रही है, उससे इस गार्ड को कोई लेना-देना नहीं रहता है। लोगों का कहना है कि एक साथ भारी भीड़ जमा हो जाती है, जिसके नियंत्रण के लिए डी मार्ट के अंदर कोई इंतजाम नहीं हैं।
जिसको बाहर निकलना होता है, वह अपनी ‘रिस्क’ पर निकलता है। बाहर निकलते ही अस्त-व्यस्त पार्किंग व्यवस्था उसका इस्तकबाल करती है। जहां-तहां गंदगी के कारण भी ग्राहकों का मन खराब होने लगता है।
हैरानी की बात यह है कि शहर में किसी स्थान पर बड़े आकार के मार्ट के अंदर बंद एक साथ अनेक ग्राहकों की मौजूदगी और उनके लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल करने की जरूरत भी नहीं समझी जाती है।
जिम्मेदार विभागों के अिधकारी शायद ही कभी डी मार्ट के अंदर घुसकर मुआयना करते हों। नजदीकी पुलिस थानों को भी इसकी परवाह नहीं होती कि हफ्ते या महीने में एकाध बार जाकर एन्ट्री एग्जिट व्यवस्था और सिक्योरिटी सिस्टम की पड़ताल कर ली जाए। ग्राहकों में भी व्यवस्था से नाराजगी है।
हादसा हो जाए तो बाहर निकलना मुश्किल|
डी मार्ट की एन्ट्री और एग्जिट व्यवस्था इतनी अस्त-व्यस्त है कि अगर कोई हादसा हो जाए, तो लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। देश भर में खरीदी के बड़े शाॅपिंग सेंटरों में आगजनी के कई हादसे हो चुके हैं।
पिछले दिनों प्रशासन की गरुड़ टीम के द्वारा जांच में इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है कि बिलहरी स्थित डी मार्ट की फायर एनओसी में लापरवाही बरती जा रही है। भीषण गर्मी के मौसम में सुरक्षा के जरूरी इंतजामों में इस तरह की लापरवाही कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
कैश काउंटर के पास लगता है जाम|
डी मार्ट में कैश काउंटर के पास इतनी भी जगह नहीं रहती कि एक साथ दो लोग निकल सकें। निकलने के लिए भी यही एकमात्र जगह छोड़ी गई है। भगदड़ मचने में अगर एक साथ लोग निकलने की कोशिश भी करें तो नहीं निकल पाएंगे। आपातकालीन परिस्थितियों को नजरअंदाज करते हुए सिर्फ और सिर्फ कमाई पर पूरा फोकस किया गया है। मतलब साफ है कि ग्राहकों की जान से ज्यादा मुनाफे पर ध्यान है।
फैक्ट फाइल
> भीड़ के आने और जाने के रास्तों (एंट्री/एग्जिट) को इस तरह डिजाइन करना कि कहीं भी जाम न लगे।
> क्षमता के अनुसार ही लोगों को अंदर आने देना ताकि ओवरक्राउडिंग (अत्यधिक भीड़) न हो।
> सुरक्षा कर्मियों को भीड़ के व्यवहार को समझने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के लिए प्रशिक्षित करना।
> कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके भीड़ के प्रवाह की वास्तविक समय में निगरानी करना।
> लोगों को सही दिशा देने के लिए स्पष्ट साइनबोर्ड और उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग करना।
> किसी अनहोनी की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने के लिए आपातकालीन निकास द्वारों का प्रबंधन करना।
इसलिए जरूरी है भीड़ प्रबंधन
> भगदड़, दम घुटने या दुर्घटनाओं को रोकने के लिए।
> एस्केलेटर, लिफ्ट और कॉमन एरिया में भीड़ कम करने के लिए।
> आरामदायक माहौल प्रदान करने के लिए, जिससे ग्राहक ज्यादा खरीददारी करें।
> परिचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए।
Created On :   28 April 2026 3:18 PM IST












