Jabalpur News: सघन व्यावसायिक व रहवासी क्षेत्रों में खुलेआम चल रहे ज्वलनशील सामग्रियों के गोदाम, जिम्मेदार बेफिक्र

सघन व्यावसायिक व रहवासी क्षेत्रों में खुलेआम चल रहे ज्वलनशील सामग्रियों के गोदाम, जिम्मेदार बेफिक्र
नागरिकों के जीवन पर मंडरा रहा खतरा, घटनाओं के बाद भी नहीं चेत रहे प्रशासन और निगम के अधिकारी

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। शहर के सघन व्यावसायिक व रहवासी क्षेत्रों में ज्वलनशील सामग्रियों के गोदाम धड़ल्ले से चल रहे हैं। यहां जरा सी चिंगारी ज्वलनशील सामग्रियों के गोदाम को आग के शोलों में तब्दील कर सकती है। इससे नागरिकों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। लोगों का कहना है कि शहर में लगातार अग्नि हादसे हो रहे हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी खतरे के गोदामों को शहर से बाहर करने संबंधी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

जानकारों के अनुसार शहर के करमचंद चौक, मुकादमगंज, गलगला, गुरंदी, बड़ा फुहारा, तुलाराम चौक, भरतीपुर, बड़ी ओमती, अंधेरदेव, नरघैया, बल्देवबाग, उखरी रोड, दमोहनाका, रद्दी चौकी, अधारताल, विजय नगर, ट्रांसपोर्ट नगर चंडालभाटा, मनमोहन नगर, नया मोहल्ला, मदन महल, महानद्दा और गोरखपुर क्षेत्र के व्यावसायिक एवं रहवासी क्षेत्रों में ज्वलनशील सामग्रियों के गोदाम चलाए जा रहे हैं।

इनमें प्लास्टिक, पॉलीथिन, फर्नीचर, तेल, ऑयल, रुई और अन्य सामग्रियों का भंडारण किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि किसी ने भी नगर निगम से गोदाम चलाने की अनुमति नहीं ली है। सभी गोदाम अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं। इनमें सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं हैं।

संकरी गलियों में कारोबार, फायर ब्रिगेड का पहुंचना मुश्किल

शहर के सघन व्यावसायिक क्षेत्र मुकादमगंज, करमचंद चौक, नरघैया, तुलाराम चौक, गुरंदी, गलगला, ओमती और बल्देवबाग की तो संकरी गलियों में गोदाम चल रहे हैं। यहां पर यदि आग लग जाए तो फायर ब्रिगेड का पहुंचना भी मुश्किल है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि संकरी गलियों के गोदाम में छोटे वाहनों के जरिए माल का स्टॉक किया जाता है।

फायर सेफ्टी के इंतजाम तक नहीं

नागरिकों का कहना है कि नगर निगम द्वारा सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी के इंतजाम होने के बाद ही गोदाम संचालन की अनुमति दी जाती है। हैरान करने वाली बात यह है कि शहर में किसी भी गोदाम संचालक ने फायर सेफ्टी का इंतजाम नहीं किया है। हालत यह है कि किसी भी गोदाम में पानी और रेत तक की व्यवस्था नहीं है। इसके बाद भी शहर में ये धड़ल्ले से चल रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन और नगर निगम ने नागरिकों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।

एक हफ्ते में तीन जगह लगी आग

उल्लेखनीय है कि करमचंद चौक में 30 मार्च की रात म्यूजिक पैलेस और कपड़े के कारखाने व गोदाम में आग लग गई थी। फायर ब्रिगेड ने 8 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू किया। इसी तरह 26 मार्च को अधारताल में फर्नीचर के दो कारखानों और गोदाम में आग लग गई थी। 27 मार्च को गुरंदी में एक अगरबत्ती की दुकान और उसमें रखे स्टॉक में आग भड़क उठी। वहीं पिछले साल सतना बिल्डिंग में स्थित कपड़े के कारखाने और गोदाम के साथ ही अधारताल में एक टेन्ट के गोदाम में आग लग चुकी है।

भारी वाहनों से हो रही लोडिंग-अनलोडिंग

नागरिकों का कहना है कि व्यावसायिक और रहवासी क्षेत्र स्थित गोदाम में रात के समय भारी वाहनों से माल की लोडिंग और अनलोडिंग की जाती है। इससे आवागमन में परेशानी होती है। इसके साथ ही लोडिंग और अनलोडिंग के कारण शोर होता है। इससे लोगों की नींद खराब होती है। गोदाम से दिन भर छोटे वाहनों के जरिए माल निकालकर शहर में वितरण किया जाता है। इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है।

शहर के व्यावसायिक और रहवासी क्षेत्रों में चल रहे गोदाम का निरीक्षण किया जा रहा है। इनमें फायर सेफ्टी की जांच की जा रही है। वहीं गोदाम संचालकों को फायर सेफ्टी की व्यवस्था करने की हिदायत भी दी जा रही है।

- कुशाग्र ठाकुर, फायर अधीक्षक, नगर निगम

जागरूक बनें, इस नंबर पर दे सकते हैं जानकारी

यदि आपकी दुकान या घर के आसपास ज्वलनशील सामग्रियों के गोदाम का संचालन किया जा रहा है, तो आप जागरूक नागरिक होने का परिचय देते हुए इसकी जानकारी दैनिक भास्कर के व्हाट्सअप नंबर-98273-81945 पर दे सकते हैं। आपका नाम और नंबर गोपनीय रखा जाएगा।

Created On :   2 April 2026 4:31 PM IST

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