Jabalpur News: स्वच्छ हवा में तीसरा नंबर, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण के लिए अफसर नहीं

स्वच्छ हवा में तीसरा नंबर, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण के लिए अफसर नहीं
एक ही क्षेत्रीय अधिकारी के पास जबलपुर, कटनी, सतना और रीवा क्षेत्र के 9 जिलों का प्रभार, समय पर कार्रवाई और मॉनिटरिंग पर उठ रहे सवाल

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में जबलपुर ने देश में तीसरा स्थान हासिल किया है, लेकिन इस उपलब्धि के बीच शहर की हवा और प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था से जुड़ा एक अहम सवाल सामने आया है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के जबलपुर क्षेत्रीय कार्यालय में नियमित जिम्मेदार क्षेत्रीय अधिकारी पदस्थ नहीं है और कार्यालय का काम अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहा है।

नियमित अधिकारी की सेवानिवृत्ति के बाद से ही जबलपुर में पद खाली है और कटनी के क्षेत्रीय अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है, जब एक ही अधिकारी के पास जबलपुर, कटनी के साथ सतना और रीवा क्षेत्र के 9 जिलों का प्रभार हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों का कहना है कि एक ही अधिकारी के पास चार क्षेत्रीय कार्यालयों की जिम्मेदारी होगी तो काम प्रभावित होना तय है।

कटनी से संभाली जा रही जिम्मेदारी

पीसीबी के जबलपुर क्षेत्रीय कार्यालय का दायरा केवल जबलपुर शहर तक सीमित नहीं है। इसके कार्यक्षेत्र में जबलपुर के अलावा बालाघाट, मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर को मिलाकर कुल 5 जिले आते हैं। वहीं सतना के कार्यक्षेत्र में सतना और मैहर जिला, रीवा के कार्यक्षेत्र में रीवा और सीधी जिला शामिल हैं। वर्तमान मंे इन सभी कार्यक्षेत्रों की जिम्मेदारी कटनी के क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी के पास है।

कार्य हो रहे प्रभावित लग रहा समय

जानकारों का कहना है कि एक अधिकारी के पास 9 जिलों की औद्योगिक इकाइयों, अस्पतालों, कचरा प्रबंधन, निर्माण गतिविधियों, स्टोन क्रेशर, प्रदूषण संबंधी शिकायतों और वायु-जल प्रदूषण की निगरानी का जिम्मा होना अपने आप में बड़ी चुनौती है। क्षेत्रीय अधिकारी की नियमित पदस्थापना नहीं होने पर निरीक्षण, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की निगरानी और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय प्रभावित हो रहा है और इसमें समय भी लग रहा है। वहीं क्षेत्रीय अधिकारी 1 से 2 दिन का समय ही एक क्षेत्र को दे पाते हैं।

मैनपॉवर की कमी से जूझ रहा विभाग

विभागीय अधिकारियों के अनुसार पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड मैन पॉवर की समस्या से जूझ रहा है। प्रदेश के कई क्षेत्रीय कार्यालयों में लिंक ऑफिसर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जबलपुर क्षेत्रीय कार्यालय, जिसमें 5 जिले शामिल हैं। वहां पर बोर्ड के टेक्निकल विभाग के अंतर्गत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर्स की भी कमी है। जहां कम से कम 2-3 एई होने चाहिए, वहां केवल 1 ही एई पदस्थ है।

कभी जोनल कार्यालय भी था यहां

सूत्र बताते हैं कि क्षेत्रीय कार्यालय के अलावा जबलपुर में कभी जोनल कार्यालय भी हुआ करता था, लेकिन मैन पॉवर न होने के चलते जोनल कार्यालय की संरचना को ही समाप्त कर दिया गया और अब प्रदेश में केवल क्षेत्रीय कार्यालय ही संचालित हो रहे हैं।

कुछ लोग प्रमोट हुए हैं, कुछ सेवानिवृत्त हुए हैं, जिसके चलते बोर्ड ऑफिसर्स की कमी से जूझ रहा है। जबलपुर हमारे लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है, ऐसे में 10 से 12 दिन में सीनियर अधिकारी की पोस्टिंग यहां की जाएगी। रही बात निगरानी की, तो अत्यधिक पॉल्यूशन की सीमा में आने वाली फैक्ट्रियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग नियमित हो रही है। इसके अलावा प्रभारी अधिकारी भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

अच्युतानंद मिश्रा, मेंबर सेक्रेटरी, मप्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड

Created On :   10 Sept 2026 8:05 PM IST

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