परिवहन विभाग का फैसला: पिछले एक साल में जारी ऑटो रिक्शा परमिट के दस्तावेजों की होगी गहन जांच, आयुक्तों की अध्यक्षता में गठित की समिति

पिछले एक साल में जारी ऑटो रिक्शा परमिट के दस्तावेजों की होगी गहन जांच, आयुक्तों की अध्यक्षता में गठित की समिति
  • सरकार ने संबंधित विभागीय आयुक्तों की अध्यक्षता में गठित की समिति
  • मीरा-भायंदर क्षेत्र के मामले के बाद हरकत में सरकार

Mumbai News. प्रदेश में पिछले एक साल (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) तक जारी किए गए ऑटो रिक्शा बैच और लाइसेंस के लिए जमा दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने यह फैसला लिया है। सरकार ने संबंधित विभागीय आयुक्तों की अध्यक्षता में जांच को लेकर एक समिति का गठन किया है। इस समिति को अगले तीन महीने में सरकार को रिपोर्ट सौंपना है। समिति को बीते एक साल की अवधि में जारी ऑटो रिक्शा बैज और लाइसेंस हासिल करने के लिए जमा किए गए निवास का दस्तावेज, पुलिस पड़ताल रिपोर्ट और अन्य कागजात की गहराई से जांच करना होगा। संबंधित विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति में सदस्य के रूप में संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त जिलाधिकारी, मनपा के अतिरिक्त आयुक्त, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अभियंता को शामिल किया गया है। जबकि जिले के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे। इससे पहले मीरा-भायंदर क्षेत्र में नकली और झूठे दस्तावेज पेश करके ऑटो रिक्शा और टैक्सी का लाइसेंस प्राप्त करने की शिकायतें मिली थीं। इसके मद्देनजर 2 अप्रैल 2026 को प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इन शिकायतों के आधार पर जारी ऑटो रिक्शा और टैक्सी लाइसेंस के दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए थे। जिसमें कई प्रकरण में फर्जी दस्तावेज पेश किए जाने की बात सामने आई थी। इसके मद्देनजर 25 मई 2026 को प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और राज्य के परिवहन मंत्री सरनाईक ने एक बैठक में पिछले एक साल में जारी ऑटो रिक्शा परमिट के दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए थे। इसके लिए सरकार ने अब संबंधित विभागीय आयुक्तों की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है।

Created On :   18 Jun 2026 10:02 PM IST

Tags

Next Story