सम्मानजनक संज्ञा: विधवा नहीं अब एकल कहलाएंगी महिला, आदिति तटकरे ने कहा - प्रदेश सरकार बनाने जा रही है एकल महिला नीति

विधवा नहीं अब एकल कहलाएंगी महिला, आदिति तटकरे ने कहा - प्रदेश सरकार बनाने जा रही है एकल महिला नीति
  • 23 जून को मनाया जाएगा एकल महिला दिवस
  • प्रदेश की महिला व बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे के निर्देश
  • विधवा की बजाय एकल महिला सम्मानजनक संज्ञा का इस्तेमाल किया जाए।

Mumbai News. प्रदेश में ‘विधवा’ के बजाय अब ‘एकल महिला’ शब्द का इस्तेमाल होगा। प्रदेश की महिला व बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे ने इस बारे में निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में विधवा के बजाय एकल महिला सम्मानजनक संज्ञा का इस्तेमाल किया जाए। शहरों और गांवों की एकल महिलाओं से रूढी-परंपराओं के आधार पर अपमानजनक व्यवहार न हो। इसके लिए स्थानीय निकायों और ग्राम सभाओं में प्रस्ताव मंजूर किया जाए। मंत्रालय में तटकरे ने राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित एकल महिला नीति की तैयारी को लेकर बैठक हुई।

तटकरे ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से 23 जून को घोषित ‘अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस’ को राज्य के सभी महानगर पालिकाओं, नगर पालिकाओं नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों में ‘एकल महिला दिवस’ के रूप में मनाया जाए। शहरों और गांवों में एकल महिलाओं को सम्मान से कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाए। एकल महिलाओं के सम्मान के लिए ग्राम पंचायतों में प्रस्ताव पारित किया जाए। तटकरे ने कहा कि महिला व बाल विकास विभाग महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। बच्चों के जन्म के समय पिता के साथ माता का नाम लिखने का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।

समाज की पुरानी रूढी-परंपराओं को दूर करने के लिए आदिशक्ति अभियान के माध्यम से ग्राम स्तर पर जनजागृति अभियान चलाया जा रहा है। तटकरे ने कहा कि रोजगार, स्वयंरोजगार और उपजीविका के मौके उपलब्ध कराने के लिए महिलाओं को बजट समूहों में शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किया जाए। सरकारी योजनाओं और उसका लाभ अधिक प्रभावी रूप से एकल महिलाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

Created On :   18 Jun 2026 9:47 PM IST

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