विधानसभा: राज्य में स्वास्थ्य योजनाओं में फर्जीवाड़े पर सरकार की सख्ती, उड़नदस्ते और एआई से होगी निगरानी

राज्य में स्वास्थ्य योजनाओं में फर्जीवाड़े पर सरकार की सख्ती, उड़नदस्ते और एआई से होगी निगरानी
  • दोषी अस्पतालों व अधिकारियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
  • राज्य में स्वास्थ्य योजनाओं में फर्जीवाड़े पर सरकार की सख्ती
  • रियल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड होगा लागू

Mumbai News. राज्य सरकार ने महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना में कथित फर्जीवाड़े पर कड़ा रुख अपनाया है। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने विधानसभा में कहा कि योजना में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार उड़नदस्तों (फ्लाइंग स्क्वॉड) की तैनाती, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के आधार पर निगरानी करेगी और दोषी अस्पतालों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए आबिटकर ने बताया कि अब पुराना जीवनदायी पोर्टल हटाकर एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म लागू किया गया है। इस नई प्रणाली ने खुद ही कई संदिग्ध दावों और इलाज के पैटर्न की पहचान की है, जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की। उन्होंने कहा कि नई एआई प्रणाली ऐसी अनियमितताओं का भी पता लगा सकती है, जिनमें एक ही मरीज के अलग-अलग अस्पतालों में सर्जरी दिखाकर फर्जी क्लेम किए गए हों।

चार अस्पतालों पर कार्रवाई शुरू

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब तक चार अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। इनमें शिव मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर, ऋषिकेश हॉस्पिटल, मैग्नम मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और संत कृपा मल्टी स्पेशियलिटी एंड एक्सीडेंट हॉस्पिटल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य अस्पताल भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

रियल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड होगा लागू

आबिटकर ने बताया कि योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना की निगरानी के लिए जल्द ही रियल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना से जुड़े अस्पतालों को लाभार्थियों को पूरा इलाज और फॉलो-अप सुविधा निशुल्क उपलब्ध करानी होगी। यदि कोई अस्पताल योजना के तहत आने वाले उपचार के लिए मरीज से पैसे मांगता है या इलाज से इनकार करता है, तो लाभार्थी ऑनलाइन, जिला समन्वयक या राज्य सरकार के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक शिकायत की जांच की जाएगी।

Created On :   1 July 2026 10:15 PM IST

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