Mumbai News: विदेशी बॉस समझकर जिसे दिए 24.74 लाख, वो निकला ऑफिस का सिक्योरिटी गार्ड

विदेशी बॉस समझकर जिसे दिए 24.74 लाख, वो निकला ऑफिस का सिक्योरिटी गार्ड
  • मुंबई में वेश बदलकर विदेशों में जॉब दिलाने के नाम पर ठगी का फ़िल्मी और हैरान करने वाला मामला आया सामने
  • एक ही परिवार की तीन महिलाएं हुई शिकार, कई और पीड़ितों के सामने आने की आशंका
  • दिंडोशी पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी एक ही परिवार की तीन महिलाएं हुई शिकार, कई और पीड़ितों के सामने आने की आशंका, दिंडोशी पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी

Mumbai News सपनों के शहर मुंबई में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज और फिल्मी मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन को भी हैरत में डाल दिया है। शातिर ठगों ने विदेशों में आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक ही परिवार की तीन महिलाओं को अपना शिकार बनाया और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए। इस पूरी साज़िश का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि पीड़ित महिलाएं जिसे विदेश में बैठा अपना सीनियर इंटरनेशनल बॉस समझ रही थीं, वह असल में उसी दफ्तर के बाहर सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी पहनकर बैठकर पूरी ठगी को ऑपरेट कर रहा था। इस मामले का खुलासा होने के बाद दिंडोशी पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

गूगल सर्च से बुना गया धोखाधड़ी का जाल

अंधेरी (पूर्व) की रहने वाली 25 वर्षीय पूर्व शिक्षिका पर्ल थोमस रोजारीओ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करना चाहती थी। अगस्त 2023 में उसने गूगल पर विदेश में नौकरी दिलाने वाली एजेंसियों की तलाश की। इसी दौरान वह मलाड (पूर्व) के रानीसती मार्ग पर स्थित विंग्स मैनेजमेंट सर्विसेज और उसके कथित संचालक समीर शेख के संपर्क में आई। समीर ने दावा किया कि उसकी कंपनी सिंगापुर और दुबई के बड़े संस्थानों में सीधे भर्ती कराती है। भरोसे को पुख्ता करने के लिए उसने पर्ल को अपने आलीशान दफ्तर में बुलाया, जहां उसे सिंगापुर में टीचर की नौकरी और 2,000 सिंगापुर डॉलर (करीब 1.20 लाख रुपये) प्रति माह सैलरी का लालच दिया गया। वीजा और अन्य खर्चों के नाम पर परिवार से 5,24,790 रुपये जमा करा लिए गए।

मां और मौसी भी बनीं शिकार, गंवाए 24.74 लाख

जब ठगों को लगा कि परिवार उनके जाल में पूरी तरह फंस चुका है, तो उन्होंने जनवरी 2024 में पर्ल की मां सरिता (56) और मौसी वेनीटा कारवाल्हो (56) को भी निशाना बनाया। दोनों को सिंगापुर में एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी की भारी-भरकम सैलरी वाली नौकरी का ऑफर दिया गया। सुनहरे भविष्य के चक्कर में परिवार ने अपनी गाढ़ी कमाई से मां की नौकरी के लिए 9,44,840 रुपये और मौसी के लिए 10,04,740 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। इस तरह पूरे परिवार से कुल 24,74,370 रुपये वसूल लिए गए।

तफ्तीश में खुला राज, सिक्योरिटी गार्ड ही निकला इंटरनेशनल बॉस

पैसे ऐंठने के बाद जब महीनों तक वीजा नहीं आया और आरोपी का फोन बंद आने लगा, तो पीड़ित परिवार मलाड स्थित दफ्तर पहुंचा। वहां ताला लटका देख उनके होश उड़ गए। पीड़ितों ने जब खुद हिम्मत जुटाकर सोसाइटी के दफ्तर से उस ऑफिस के रेंट एग्रीमेंट की कॉपी निकाली, तो एक हैरान करने वाला सच सामने आया। रेंट एग्रीमेंट पर अजय नारायण पाटिल (43) नाम के व्यक्ति की तस्वीर थी। यह तस्वीर किसी और की नहीं, बल्कि उसी शख्स की थी जो हमेशा उस ऑफिस के बाहर सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी पहनकर बैठता था। आरोपी अजय पाटिल ने खुद को विदेश में रहने वाला बड़ा अधिकारी बताकर फोन पर बात की थी, जबकि असल में वह वेश बदलकर दफ्तर के बाहर बैठता था, ताकि पीड़ितों की गतिविधियों पर नजर रख सके।

दिंडोशी पुलिस जांच में जुटी, कई और पीड़ितों की आशंका

इस हाई-टेक ठगी का शिकार होने के बाद पीड़िता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। दिंडोशी पुलिस ने इस पूरे मामले में केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों समीर शेख, अजय पाटिल,तसनीम शेख, कासिफ जानेआलम, कासिम मिर्जा व अन्य की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह ने शहर के कई और बेरोजगार युवाओं को भी विदेशों में नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की होगी। फिलहाल पुलिस बैंक खातों और रेंट एग्रीमेंट के जरिए आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

Created On :   22 Jun 2026 6:33 PM IST

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