कम बारिश!: कम खर्च में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की दी ट्रेनिंग, जल संरक्षण के लिए शुरू किया जन अभियान

कम खर्च में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की दी ट्रेनिंग, जल संरक्षण के लिए शुरू किया जन अभियान
  • घरों में भी कम पानी के इस्तेमाल की सलाह
  • सोसायटी के कुएं का वर्षा जल संचय के लिए इस्तेमाल

Mumbai News. अल नीनो के असर के चलते इस साल सामान्य से काफी कम बारिश होने के आसार है। ऐसे में सिर्फ सरकार के भरोसे न रहकर यह जरूरी है कि आम नागरिक भी वर्षा जल संचय का प्रयास करे। इसी कोशिश के तहत सामाजिक कार्यकर्ता सुभजीत मुखर्जी ने महानगर के मालाड पश्चिम स्थित जलकल्याण नगर में महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से वर्षा जल संचयन (रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) एवं जल संरक्षण विषय पर एक निःशुल्क कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए नागरिकों ने भाग लेकर एल नीनो के प्रभाव, भूजल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन के महत्व को समझा और जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया। मुखर्जी ने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य और एल नीनो जैसी परिस्थितियों के कारण भूजल स्तर पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे समय में वर्षा जल संचयन और ग्रे वॉटर के दोबारा उपयोग जैसी तकनीकें जल संकट से निपटने के प्रभावी उपाय हैं। कार्यक्रम के दौरान सुभजीत ने वर्षा जल संचयन की मूलभूत जानकारी, बोरवेल रिचार्ज की प्रक्रिया, कम लागत वाले समाधान, व्यावहारिक प्रदर्शन की जानकारी के साथ लोगों के इससे जुड़े सवालों के भी जवाब दिए।

घरों में भी कम पानी के इस्तेमाल की सलाह

प्रतिभागियों को मुंबई जैसे महानगरों में वर्षा जल संचयन की उपयोगिता और घरों एवं सोसायटियों में इसे अपनाने के तरीकों की भी जानकारी दी। सुभजीत ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर वर्षा जल संचयन और ग्रे वॉटर के पुनः उपयोग को अपनाए, तो भविष्य में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से नहाने के लिए शॉवर की जगह मग बाल्टी के उपयोग, फ्लश के लिए भूजल के इस्तेमाल जैसे सुझाव भी दिए।

सोसायटी के कुएं का वर्षा जल संचय के लिए इस्तेमाल

प्रशिक्षण में शामिल हुईं बोरीवली के आचार्य आश्रम सोसायटी की रहने वाली स्नेहा कनगुटकर ने कहा कि हमारे परिसर में 300 परिवार रहते हैं। हमारे परिसर में दो कुएं भी हैं जिनका पानी हम उपयोग करते हैं लेकिन धीरे-धीरे उनका जलस्तर घट रहा है क्योंकि कुओं में पानी जाने का कोई साधन नहीं है। अब हमने कुओं को बरसात के पानी से भरने के लिए उसे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़ा है। हमें उम्मीद है कि इस साल बरसात के बाद हम कुओं का जलस्तर बढ़ाने में कामयाब होंगे।

Created On :   21 Jun 2026 9:27 PM IST

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