बॉम्बे हाई कोर्ट: आंशिक विकलांगता भी यदि व्यक्ति की कार्यक्षमता-आय पर प्रभाव डाले, तो अधिक मुआवजा देने का आधार है

आंशिक विकलांगता भी यदि व्यक्ति की कार्यक्षमता-आय पर प्रभाव डाले, तो अधिक मुआवजा देने का आधार है
  • अदालत से 24 साल की कानूनी लड़ाई के बाद दिव्यांग व्यक्ति को मिला न्याय
  • अदालत ने सड़क दुर्घटना में आवाज गंवाने वाले व्यक्ति को 8 लाख मुआवजा देने का दिया आदेश
  • मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने आंशिक दिव्यांग व्यक्ति को केवल ढाई लाख रुपए दिया था मुआवजा

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक सड़क दुर्घटना में आवाज गंवाने वाले व्यक्ति की स्थायी आंशिक दिव्यांगता को लेकर अपने फैसले में कहा कि यदि आंशिक विकलांगता भी व्यक्ति की कार्यक्षमता और आय पर प्रभाव डालती है, तो उसे अधिक मुआवजा देने का आधार बन सकती है। दिव्यांग व्यक्ति को अदालत से 24 साल की कानूनी लड़ाई के बाद न्याय मिला है। अदालत ने बीमा कंपनी के 8 लाख रुपए मुआवजा व्यक्ति को देने का आदेश दिया है। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने उसे केवल ढाई लाख रुपए मुआवजा देने का फैसला दिया था, जिसे उसने हाई कोर्ट में चुनौती दी।

न्यायमूर्ति जितेंद्र जैन की एकल पीठ ने प्रफुल्ल जाधव मालडे की याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता की विकलांगता स्थायी थी और उसके सेल्समैन के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। दुर्घटना के बाद उसकी आय पहले की तुलना में काफी कम हो गई। इसलिए भविष्य की संभावनाओं को जोड़ते हुए आय हानि की गणना दोबारा की गई। न्यायाधिकरण ने इस मद में कोई राशि नहीं दी थी। याचिकाकर्ता का मुआवजा लगभग तीन गुना से अधिक बढ़ाकर 8 लाख 39 हजार रुपए कर दिया गया। बीमा कंपनी को मूल एवं बढ़ी हुई दोनों राशियां निर्धारित ब्याज सहित 12 सप्ताह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया गया है और याचिकाकर्ता को राशि निकालने का अधिकार दिया गया है।

क्या है पूरा मामला

याचिकाकर्ता (दावेदार) एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। दुर्घटना के कारण उनके चेहरे (मुख के कोण) में स्थायी विकृति उत्पन्न हुई, जिससे उनकी बोलने की क्षमता प्रभावित हुई। वह दुर्घटना से पहले जूते की दुकान में सेल्समैन के रूप में कार्यरत थे, जहां संवाद कौशल अत्यंत महत्वपूर्ण था। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने उन्हें केवल 2 लाख 56 हजार 500 रुपए का मुआवजा दिया था। दावेदार ने इस राशि को अपर्याप्त बताते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मुआवजा बढ़ाने मांग की।

Created On :   21 Jun 2026 9:20 PM IST

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