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New Delhi News: महिला सरकारी अधिकारी साहित्य सम्मेलन ग्रंथ दिंडी के साथ शुरू हुआ, प्रशासनिक ताकत के साथ साहित्य की भी जागृति

New Delhi News. प्रशासनिक दायरे में रहकर जनसेवा का व्रत निभाने वाली महिला अधिकारियों की संवेदनशील लेखनी शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में देखने को मिली। छत्रपति महारानी तारा रानी की 351वीं जयंती के मौके पर 'सरहद, पुणे' और महाराष्ट्र सरकार के ‘मराठी भाषा विभाग’ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पहला महिला सरकारी अधिकारी साहित्य सम्मेलन 'ग्रंथ दिंडी' के साथ शुरू हुआ।
प्रशासनिक दायित्व के साथ एक संवेदनशील कलम का जुड़ाव: लीना मेहंदले
सम्मेलन के मुख्य सत्र में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की पूर्व अधिकारी और लेखक लीना मेहंदले ने कहा कि प्रशासनिक कुर्सी पर बैठकर सिर्फ़ फ़ाइलें निपटाना कोई ड्यूटी नहीं है, बल्कि उस पद का इस्तेमाल करके समाज में गलत प्रथाओं को जड़ से उखाड़ फेंकना ही असली पब्लिक सर्विस है। मेहंदले ने सांगली जिले में देवदासी प्रथा को खत्म करने के लिए अपनी हिम्मत भरी लड़ाई का अनुभव साझा किया। उन्होंने मौजूद अफसरों को काम का तनाव लिए बिना खुशी से काम करने की सलाह दी।
साहित्य हमेशा सहारा देता है: रश्मि शुक्ला
महाराष्ट्र की पूर्व पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने अपने प्रशासनिक यात्रा के दिलचस्प पहलुओं का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पुलिस फोर्स में मुश्किल जिम्मेदारी निभाते समय साहित्य ने हमेशा उनका साथ दिया। बिहार में स्कूल की पढ़ाई से लेकर महाराष्ट्र में सबसे ऊंचे पुलिस पद तक के अपने सफ़र के बारे में बताते हुए, उन्होंने पढ़ाई में कड़ी मेहनत की अहमियत पर ज़ोर दिया।
Created On :   11 April 2026 9:09 PM IST












