बॉम्बे हाई कोर्ट: सड़क दुर्घटना में युवक की मौत मामले में माता-पिता और पत्नी को 63 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश

सड़क दुर्घटना में युवक की मौत मामले में माता-पिता और पत्नी को 63 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश
  • अदालत ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी की याचिका की खारिज
  • माता-पिता और पत्नी को 63 लाख रुपए मुआवजा देने का दिया आदेश

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटना में मारे गए युवक के माता-पिता और पत्नी को 63 लाख 89 हजार 771 रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि ट्रिब्यूनल द्वारा न्यायसंगत मुआवजा तय करते समय कानून के तय सिद्धांतों का सही तरीके से पालन किया गया। अदालत ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी की याचिका खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति आर.एम. जोशी की एकल पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने एक्सीडेंट में लगी चोटों की वजह से मरने वाले की मौत की बात साबित करने में कामयाब रहे हैं। जहां तक मुआवजे के कैलकुलेशन की बात करें, तो मरने वाले की उम्र को लेकर कोई विवाद नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने इनकम टैक्स रिटर्न रिकॉर्ड में रखे हैं और ट्रिब्यूनल के सामने इसे साबित किया है। क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया, जिससे उस सबूत को खारिज किया जा सके।

इंश्योरेंस कंपनी के वकील शालिनी शंकर ने कहा कि ट्रिब्यूनल इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि इनकम टैक्स रिटर्न के अलावा ऐसा कोई और सबूत नहीं था, जिससे पता चले कि मरने वाले को असल में कोई इनकम हुई थी। इस बात को ध्यान में रखते हुए मरने वाले को दिया गया मुआवजा बहुत ज्यादा है। मृतक के माता-पिता और पति की ओर से पेश वकील जितेंद्र गोर ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि बीमाधारक की तरफ से फाइल की गई उस एक्सीडेंट से जुड़ी अपीलें पहले ही खारिज हो चुकी हैं। उनका कहना है कि दावेदारों को मरने वाले की उम्र, इनकम और नौकरी को साबित करना होगा और इनकम टैक्स रिटर्न के रूप में सबूत इसे काफी हद तक साबित करते हैं।

30 अप्रैल 2018 को मोहम्मद राशिद खान कार पुणे-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर जा रहा था। किसी टेक्निकल खराबी के कारण उसकी कार अचानक सड़क पर बंद पड़ गई। जब खान और कार में सवार दूसरे लोग कार को स्टार्ट करने के लिए धक्का दे रहे थे। इसी दौरान एक टेंपो बहुत तेज गति से आया और कार को टक्कर मार दिया। इस हादसे में खान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उसके माता-पिता और पत्नी ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) में मुआवजे के लिए याचिका दायर की।

ट्रिब्यूनल ने उनके दावे को स्वीकार कर बीमा कंपनी को मृतक के माता-पिता और पत्नी को 63 लाख 89 हजार 771 रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने ट्रिब्यूनल के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी। पीठ ने ट्रिब्यूनल के फैसले को बरकरार रखते हुए इंश्योरेंस कंपनी की याचिका खारिज कर दिया।

Created On :   30 Nov 2025 10:20 PM IST

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