नीट पेपर लीक आंदोलन: दिविजा फडणवीस ने कहा - शांतिपूर्ण विरोध अधिकार, लेकिन आंख मूंदकर समर्थन न करें

दिविजा फडणवीस ने कहा - शांतिपूर्ण विरोध अधिकार, लेकिन आंख मूंदकर समर्थन न करें
  • नीट पेपर लीक आंदोलन पर मुख्यमंत्री फडणवीस की बेटी ने रखी राय
  • शैक्षणिक सुधार का समर्थन करें, लेकिन राजनीति को समझें

Mumbai News. नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन लगातार 34वें दिन भी जारी है। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। इसी घटनाक्रम के बीच राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बेटी दिविजा फडणवीस ने नीट पेपर लीक आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन करते हुए हिंसा से दूरी बनाने और किसी भी राजनीतिक विचारधारा का आंख मूंदकर समर्थन न करने की अपील की है। दिविजा ने कहा कि उनसे कई बार आंदोलन पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर की जाने वाली हिंसा और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की जाने वाली हिंसा, दोनों ही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। किसी भी आंदोलन को शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहकर ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

शैक्षणिक सुधार का समर्थन करें, लेकिन राजनीति को समझें

दिविजा ने छात्रों और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग का समर्थन करते हैं तो यह उचित है, लेकिन उस मुद्दे को आगे बढ़ाने वाले किसी राजनीतिक दल या उसकी विचारधारा का बिना समझे समर्थन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के वास्तविक उद्देश्य और उसके एजेंडे को समझे बिना उसके साथ खड़े होना उचित नहीं है। युवाओं को हर विषय पर अपनी स्वतंत्र सोच बनाए रखनी चाहिए।

सोशल मीडिया के ट्रेंड के पीछे आंख बंद कर मत चलिए

दिविजा ने सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले अभियानों को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केवल किसी विषय के ट्रेंड करने या सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने के कारण उसका समर्थन नहीं करना चाहिए। किसी भी विचारधारा के प्रभाव में आकर अपनी सोचने-समझने की क्षमता खो देना सही नहीं है। युवाओं को तथ्यों की जांच करनी चाहिए और विवेकपूर्ण निर्णय लेना चाहिए। यदि आंदोलन शिक्षा के मुद्दे से हटकर धर्म, वैचारिक या अन्य राजनीतिक विषयों की ओर मुड़ने लगे, तो लोगों को यह समझना चाहिए कि आंदोलन का उद्देश्य बदल रहा है। ऐसे समय में विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।

Created On :   23 July 2026 9:18 PM IST

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