मदद: दिल्ली के तर्ज पर महाराष्ट्र में गंभीर दिव्यांगों को आर्थिक सहायता देने की योजना, राज्य का दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग दे रहा अंतिम रूप

दिल्ली के तर्ज पर महाराष्ट्र में गंभीर दिव्यांगों को आर्थिक सहायता देने की योजना, राज्य का दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग दे रहा अंतिम रूप
  • दिल्ली सरकार के तर्ज पर गंभीर रूप से दिव्यांगों को आर्थिक सहायता के लिए नई योजना
  • दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग की ओर से इस योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा
  • अति दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी

Mumbai News. महाराष्ट्र में दिल्ली सरकार के तर्ज पर गंभीर रूप से दिव्यांगों को आर्थिक सहायता के लिए नई योजना बनाई जा रही है। राज्य सरकार का दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग की ओर से इस योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इससे राज्य मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद राज्य में अति दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। मंत्रालय के एक अधिकारी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि दिल्ली सरकार ने उच्च सहायता की आवश्यकता वाले दिव्यांगों (हाई सपोर्ट नीड) के लिए प्रति महीने छह हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसी के तर्ज पर राज्य के दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग ने योजना तैयार की है। जिसमें 60 से 100 प्रतिशत तक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को प्रति महीने आर्थिक सहायता देने की सुविधा है। अधिकारी ने बताया कि हमने मुंबई के जे जे अस्पताल से दिव्यांगता की अलग-अलग श्रेणियों की सूची मंगाई है। जिसके आधार पर लाभार्थी के लिए मापदंड तय किया जा सके। सूत्रों के मुताबिक राज्य के दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग ने राज्य के वित्त विभाग के पास योजना की फाइल भेजा था। जिसमें वित्त विभाग ने दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग को आर्थिक सहायता की राशि दिल्ली सरकार की तरह हर महीने छह हजार रुपए करने और लाभार्थियों के लिए आयु सीमा निर्धारित करने को कहा है। इसके अनुसार अब दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग आवश्यक संशोधन करके वित्त विभाग के पास दोबारा फाइल भेजेगा। वित्त विभाग की स्वीकृति के बाद दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग की ओर से राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

इसलिए योजना की पड़ी जरूरत

अधिकारी ने कहा कि 60 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांग बच्चों और व्यक्तियों को हमेशा एक सहयोगी व्यक्ति की जरूरत पड़ती है। कई दिव्यांग अपने से चल भी नहीं पाते हैं। उन्हें हमेशा एक देखभालकर्ता की आवश्यकता होती है। कई अभिभावक आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। ऐसे में उनके लिए देखभाल के लिए अलग से व्यक्ति को रखना संभव नहीं हो पाता है। यदि सरकार की ओर से ऐसे दिव्यांगों को आर्थिक सहायता दी जाएगी तो वह यह राशि देखभालकर्ता को दे सकेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा समेत अन्य आवश्यकताओं पर खर्च कर सकेंगे। फिलहाल राज्य में ऐसे गंभीर दिव्यांगों को सीधे आर्थिक मदद के लिए कोई सरकारी योजना नहीं है।

Created On :   20 July 2026 10:29 PM IST

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