अनूठी मुहिम: सैर के दौरान देखा समुद्र किनारे कचरा तो दोस्तों के साथ शुरू कर दिया सफाई अभियान, 5 सालों में हटाया हजारों टन कचरा

सैर के दौरान देखा समुद्र किनारे कचरा तो दोस्तों के साथ शुरू कर दिया सफाई अभियान, 5 सालों में हटाया हजारों टन कचरा
  • उपेक्षित वेलंकिनी बीच पर दिया ध्यान
  • नई पीढ़ी को साथ जोड़ने की कोशिश
  • चलाया 75 डे चैलेंज अभियान

Mumbai News. बदलाव के लिए प्रशासन और सरकारों पर निर्भर रहने के बजाय अगर लोग खुद प्रयास शुरू करें तो स्थितियां ज्यादा जल्द बेहतर हो सकती है। इसी मूलमंत्र के मीरारोड के साथ कारोबारी अजय रावत ने समुद्री किनारे की सफाई का अभियान शुरू किया था और धीरे-धीरे सैकड़ों लोग उनके साथ जुड़कर नियमित तौर पर यह काम करने लगे। रावत ने बताया कि इसकी शुरुआत रविवार 14 नवंबर 2021 को हुई थी। उस समय मैं जिम इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम करता था और साइकिलिंग का शौक था। मैं सुबह-सुबह वेलंकिनी बीच पर पहुंचा तो देखा कि वहां कचरे का अंबार था। मुझे लगा कि यह हम आम इंसानों की गलती है इसलिए इसे साफ करने का जिम्मा भी हमें ही उठाना होगा। दोस्तों से बातचीत की और कुल 22 लोगों ने साथ आने का भरोसा दिया। लेकिन जब सफाई करनी थी तो कुल चार लोग ही पहुंचे जिनमें दो मेरे भाई और एक करीबी दोस्त था। हम लोगों ने इसकी शुरूआत की और साथ ही लोगों को भी इस मुहिम से जोड़ने की कोशिश की और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जुड़ते गए। हमने इस कोशिश को प्रयास नाम दिया और शुरुआत से अब तक हम 318 प्रयास कर चुके हैं।

उपेक्षित वेलंकिनी बीच पर दिया ध्यान

रावत ने कहा कि शुरुआत में हमने जुहू, वर्सोवा समेत कई बीचों की सफाई की कोशिश शुरू की लेकिन हमने महसूस किया कि वहां कई संगठन और लोग इस काम में जुटे हैं इसके बाद हमने मीरा भायंदर के उत्तन में स्थित वेलंकिनी बीच पर सफाई अभियान पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया।

नई पीढ़ी को साथ जोड़ने की कोशिश

रावत ने कहा कि शुरुआती साल में मैं अपने दोस्तों करीम शेख, दिपेन मुक्ति, आदित्य फडतरे, विशाल सिंह, रोहित शर्मा, खुशी मलहोत्रा आदि के साथ जाकर सफाई करता था। फिर हमें लगा कि नई पीढ़ी को जागरूक कर इससे जोड़ना जरूरी है। ओशन ओव नामक एनजीओ रजिस्टर कराया। हमने स्कूल और कॉलेज में जाकर बातचीत की जागरूकता अभियान चलाया। अब 10 स्कूल और 4 कॉलेजों के विद्यार्थी इस मुहिम में हमारे साथ जुड़ गए हैं। हमारी कोशिश है कि जमा किए गए कचरे को रिसाइकल किया जाए। इसके लिए कई कंपनियों से बातचीत चल रही है।

चलाया 75 डे चैलेंज अभियान

रावत ने कहा कि बड़े पैमाने पर सफाई के लिए हमने 75 डे बीच क्लीनिंग चैलेंज लिया और लगातार वेलंकिनी बीच की सफाई करते हुए वहां से 18 टन कचरा साफ किया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्लास्टिक की थैलियों पर भले ही पाबंदी लगा दी है लेकिन इसका ज्यादा असर नजर नहीं आ रहा। इसके अलावा रात में होने वाली शराब पार्टियों पर भी रोक नहीं लग पा रही है क्योंकि हमें अक्सर टूटी शराब की बोतलें मिल जाती हैं जिससे कई बार जानवर भी घायल हो जाते हैं।

Created On :   20 July 2026 5:20 AM IST

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