तपिश के 69 दिन: 55 दिन 40°C से अधिक तापमान 14 दिन 45°C की अग्निपरीक्षा, 12 दिन लगातार हीटवेव

55 दिन 40°C से अधिक तापमान 14 दिन 45°C की अग्निपरीक्षा, 12 दिन लगातार हीटवेव
  • झुलसाती गर्मी से इस बार तपता रहा नागपुर
  • दिन ही नहीं, रातें भी रहीं गर्म

Nagpur News. उपराजधानी नागपुर इस वर्ष भीषण गर्मी की लंबी मार से बेहाल रही। इस बार शहर में लगातार 69 दिन तक झुलसाने वाली गर्मी दर्ज की गई। खास बात यह कि इस दौरान 12 दिन लगातार हीटवेव (लू) की स्थिति बनी रही, जो पिछले कई वर्षों में पहली बार देखने को मिला। मौसम जानकारों के मुताबिक पिछले कई वर्षों में इतनी लंबी अवधि तक गर्मी बने रहने का यह पहला मामला है। आमतौर पर जहां नागपुर में हीटवेव के दिन 6 -7 तक सीमित रहते थे, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 19-20 दिन तक पहुंच गया, जिसमें से 12 दिन लगातार हीटवेव रही।

14 दिन 45°C के पार

शहर में मार्च से जून तक लगभग 120 दिन गर्मी का मौसम रहता है। इस वर्ष इन 120 दिनों में से 68 दिन भीषण गर्मी के दर्ज किए गए। इनमें 45°C या उससे अधिक तापमान वाले 14 दिन शामिल रहे, जबकि 40°C से अधिक और 45°C से कम तापमान वाले 55 दिन रहे।

दिन ही नहीं, रातें भी रहीं गर्म

इस बार केवल दिन का तापमान ही नहीं बढ़ा, बल्कि रातें भी सामान्य से ज्यादा गर्म रहीं। ‘वार्म नाइट्स’ चिंता का विषय रहीं। इसी कड़ी में नागरिकों के मोबाइल पर आईएमडी द्वारा हीटवेव से बचने की चेतावनी वाले अलर्ट मैसेज भी आए थे।

अर्बन हीट आइलैंड बड़ा कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में बढ़ते कंक्रीट, डामर की सड़कें और ऊंची इमारतें ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव को बढ़ा रही हैं। ये संरचनाएं दिनभर गर्मी को सोखती हैं और रात में धीरे-धीरे छोड़ती हैं, जिससे तापमान लगातार ऊंचा बना रहता है। फॉसिल फ्यूल्स पर बढ़ती निर्भरता, वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि और औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाली गर्मी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। इसके साथ ही एयर कंडीशनर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बढ़ता उपयोग भी स्थानीय तापमान को बढ़ाने में योगदान देता रहा।

बदल रहा मौसम का मिजाज

नागपुर में ‘सीजनल फीचर्स’ भी तेजी से बदल रहे हैं। कभी अत्यधिक गर्मी तो कभी अचानक भारी बारिश यह असामान्य बदलाव शहरी जलवायु में हो रहे परिवर्तन की ओर संकेत कर रहा है। इसके साथ ही उमस (ह्यूमिडिटी) में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि हरित क्षेत्र बढ़ाने, प्रदूषण नियंत्रण और सतत शहरी योजना पर ध्यान देना अब बेहद जरूरी हो गया है।

सामान्य से अलग रही इस बार की गर्मी

डॉ. प्रवीण कुमार, वैज्ञानिक, प्रादेशिक भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक इस वर्ष नागपुर में लंबे समय तक गर्मी और लगातार हीटवेव रहना सामान्य ट्रेंड से अलग है। इस बार गर्मी के दिन सामान्य से अधिक रहे। इसके पीछे जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण दोनों बड़े कारण हैं। आने वाले समय में ऐसे हालात और बढ़ सकते हैं, इसलिए शहरों को हीट एक्शन प्लान और हरित विकास पर तुरंत काम करना होगा।


Created On :   24 Jun 2026 8:20 PM IST

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