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शिक्षा विभाग के फर्जी अधिकारी बनकर बेरोजगारों से लाखों की ठगी, महिला समेत पांच के खिलाफ मामला दर्ज

Nagpur News. शिक्षा विभाग में नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगारों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ गणेशपेठ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। महिला समेत पांच आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया। आरोपियों ने खुद को शिक्षा विभाग का अधिकारी बताकर पीड़ितों को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। पुलिस के अनुसार, अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच में मामले से जुड़े और भी गंभीर खुलासे होने की संभावना है।
मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी पहचान
मामला 15 जुलाई से 27 अगस्त 2026 के बीच का है। शिकायतकर्ता किशोर समुद्रे (65), गंजीपेठ निवासी, की सुबह सैर के दौरान मुख्य आरोपी राहुल श्रीराम बहोरिया (40), लोधीपुरा निवासी, से पहचान हुई थी। राहुल ने खुद को बड़ा समाजसेवक बताते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों से अच्छी पहचान होने का दावा किया था। उसने यह भी कहा था कि उसकी पहचान के जरिए कई लोगों को शिक्षा विभाग में नौकरी लग चुकी है। राहुल ने किशोर से कहा था कि यदि उसके किसी परिचित को नौकरी की जरूरत हो तो वह उससे संपर्क कर सकता है। किशोर की पुत्री और बहू बेरोजगार थीं। उन्होंने दोनों को नौकरी लगाने की बात राहुल से की। राहुल ने सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया और इसके बदले कुछ रकम खर्च होने की बात कही। सरकारी नौकरी की उम्मीद में किशोर रकम देने के लिए तैयार हो गया।
फर्जी अधिकारियों से कराई मुलाकात
राहुल ने किशोर से अन्य बेरोजगारों के बारे में भी जानकारी मांगी। उसके झांसे में आकर किशोर ने अपने रिश्तेदारों और मित्र गुलाब बैस को इसकी जानकारी दी। गुलाब भी अपनी पुत्री को नौकरी लगवाने के लिए रकम देने को तैयार हो गया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ितों से फर्जी आवेदन फार्म भरवाए। राहुल ने अपने गिरोह के शुभम भुरघाटे, अभिजीत कृष्णराव देशमुख, सीमा खंडेवाल और गीत अवस्थी से पीड़ितों की मुलाकात कराई। इन्हें शिक्षा विभाग के अधिकारी के तौर पर पेश किया गया।
नौकरी के नाम पर 6.59 लाख रुपए लिए
पुलिस के अनुसार, किशोर की पुत्री और बहू को शिक्षा विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर 5 लाख 13 हजार रुपए, जबकि गुलाब की पुत्री को नौकरी दिलाने के लिए 1 लाख 46 हजार रुपए लिए गए। इस तरह आरोपियों ने कुल 6 लाख 59 हजार रुपए ऐंठे। रकम लेने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ितों ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे। आरोप है कि राहुल और उसके साथियों ने रकम लौटाने में लगातार टालमटोल की। इसके बाद मामला पुलिस थाने पहुंचा और शिकायत के आधार पर पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
मुख्य आरोपी राहुल बहोरिया
मामले के मुख्य आरोपी राहुल श्रीराम बहोरिया (40) के अलावा शुभम भुरघाटे, अभिजीत कृष्णराव देशमुख, सीमा खंडेवाल और गीत अवस्थी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने इसी तरह और कितने लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगा है।
Created On :   28 Aug 2026 6:58 PM IST














