नागपुर जोन: जीएसटी संग्रह में 12% की गिरावट - 25,130 करोड़ रुपए का था लक्ष्य, इस वर्ष 19,491 करोड़ राजस्व मिला

जीएसटी संग्रह में 12% की गिरावट -  25,130 करोड़ रुपए का था लक्ष्य, इस वर्ष 19,491 करोड़ राजस्व मिला
  • आयुक्तालयों के प्रदर्शन ने बढ़ाई चिंता
  • 2552 करोड़ रुपए की कमी आई

Nagpur News. जीएसटी के नागपुर जोन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 आर्थिक मोर्चे पर काफी निराशाजनक रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार इस जोन के कुल जीएसटी संग्रह में पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। सरकार द्वारा दिए गए वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने में विभाग 22 प्रतिशत पीछे रह गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान नागपुर जोन ने कुल 19491 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र किया। यदि इसकी तुलना पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) से करें, तो तब यह आंकड़ा 22043 करोड़ रुपए था। यानी राजस्व में सीधे तौर पर 2552 करोड़ रुपए की कमी आई है। प्रशासन ने इस वर्ष के लिए 25130 करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था, लेकिन वास्तविक संग्रह लक्ष्य से 5639 करोड़ रुपए कम रहा। इसका सीधा असर विकास कार्यों और बजटीय आवंटन पर पड़ सकता है। आने वाले समय में विभाग को कर अनुपालन बढ़ाने के लिए कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। इसमें नागपुर 1, नागपुर 2, नाशिक और औरंगाबाद आयुक्तालय शामिल हैं।

आयुक्तालयों के प्रदर्शन ने बढ़ाई चिंता

विभिन्न आयुक्तालयों के प्रदर्शन ने चिंता बढ़ा दी है। नागपुर-2 आयुक्तालय के कलेक्शन में सबसे अधिक 28% की गिरावट देखी गई। 6900 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले केवल 4452 करोड़ रुपए ही जमा हुए (35% की कमी)। नाशिक आयुक्तालय के राजस्व में 11% की कमी आई और कुल 5239 करोड़ रुपए जमा हुए। औरंगाबाद (छत्रपति संभाजी नगर) के राजस्व संग्रह में 3% की गिरावट रही (कुल 4319 करोड़ रुपए)। नागपुर-1 आयुक्तालय का शुरुआती प्रदर्शन अच्छा रहने के बावजूद साल के अंत में 1% की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों और प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि इस बड़ी गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें औद्योगिक उत्पादन में उतार-चढ़ाव, टैक्स रिफंड (कर परतावा) के मामलों में वृद्धि, कुछ बड़े करदाताओं के व्यावसायिक स्वरूप में बदलाव आदि शामिल हैं।

Created On :   18 April 2026 7:18 PM IST

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