Nagpur News: अब बिना जिप्सी होगी जंगल सफारी , जगह पर बैठे-बैठे कर सकेंगे वन्यजीवों का दीदार

अब बिना जिप्सी होगी जंगल सफारी , जगह पर बैठे-बैठे कर सकेंगे वन्यजीवों का दीदार
  • बाघों के बीच में रहकर घूमो जंगल
  • ताडोबा में वर्चुअल रियलिटी की शुरूआत

Nagpur News अब जंगल घुमने के लिए जीप्सी की जरूरत नहीं है। क्योकि विदर्भ के ताडोबा में एक अनोखे तरीके से पर्यटकों को जंगल सफारी का मजा दिया जा रहा है। दरअसर यहां पर वर्चुअल रियलिटी ( वीआर) की शुरूआत की है। जिसमें कैबीन में बैठकर ही हेडसेट लगाकर जंगल सफारी की जा रही है। पर्यटन को मजेदार बनाने के लिए ऐसा किया है। अब ताडोबा और इसके बाद नागपुर के पेंच में भी इसे शुरू किया जानेवाला है। इसका उद्घाटन महाराष्ट्र के वनमंत्री गणेश नाईक ने किया।

सिर्फ 6 मिनट की वीआर वीडियो में ताडोबा के जंगलों की हर ऋतु का कमाल का नजारा देखने मिलनेवाला है। बाघ, हिरण, पक्षी—सब कुछ इतना करीब लगेगा जैसे आप खुद जंगल में हैं। आम सफारी से कहीं आगे, ये अनुभव पर्यटकों को वन्यजीवों और उनके घर की गहराई से समझ देगा। जंगल की संपदा पर गर्व महसूस होगा। हर गेट पर वीआर किट्स लगाए जा रहे हैं, जिप्सी की संख्या के हिसाब से। मोहर्ली और खुटवां याडा गेट पर इसकी शुरूआत हो गई है। जल्दी ही सभी गेट पर शुरू हो जाएगी।

रिसॉर्ट्स में भी जल्द टिकट मात्र 50 रुपय में सुविधा है जोकि बजट फ्रेंडली। सबसे मजेदार बात: हर किट लोकल युवाओं को सौंपी गई है। वे ही चलाएंगे, मैनेज करेंगे। बफर जोन के 40 युवाओं को डायरेक्ट जॉब और स्टेबल कमाई इससे मिल रही है। 'चला माझा ताडोबा' कैंपेन का हिस्सा है, जो नेचर एजुकेशन को बूस्ट देगा। टेक्नोलॉजी से कंजर्वेशन को जोड़कर ताडोबा जिम्मेदार टूरिज्म का बेस्ट एग्जांपल बन रहा है। पर्यटक खुश, लोकल्स सशक्त—परफेक्ट बैलेंस बन गया है। अगर आप नेचर लवर हैं, तो ताडोबा जाइए, वीआर ट्राय करिए। जंगल का जादू आपके घर तक आयेगा।


Created On :   14 May 2026 3:58 PM IST

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