Nagpur News: हरे-भरे हेरिटेज पेड़ों पर बिल्डर की नजर, पर्यावरण संरक्षण पर मंडराया खतरा

रियाली बचाने की मांग तेज, प्रशासन से कार्रवाई और दोषियों पर सख्त कदम उठाने की मांग

Nagpur News करोड़ों रुपए के लग्जरी फ्लैट बेचने के लिए बिल्डर ने अपनी आलीशान इमारत तो खड़ी कर ली, लेकिन वह हरे-भरे हेरिटेज पेड़ों का दुश्मन बन गया। बिल्डर जैन रीयलटीज ने गणेशपेठ में निर्माण के बाद निकले मलबे को ठिकाने लगाने के बजाय हेरिटेज पेड़ों की जड़ों को ही डंपिंग साइट बना दिया। बिल्डर द्वारा बचा हुआ कंक्रीट, ईंट, गट्टू, रेती और बजरी सीधे पेड़ों के आसपास फैला दी गई। पेड़ों की जड़ों से लेकर तनों तक निर्माण सामग्री पहुंच गई है। चार नीम के पेड़ों के आसपास मिट्टी की जगह अब मलबे का ढेर दिखाई दे रहा है। इससे पेड़ों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने की आशंका जताई जा रही है।

हेरिटेज पेड़ों के साथ खिलवाड़ : जैन हैप्पी नेस्ट प्रोजेक्ट के बिल्डर अंकित जैन हैं। उनके माध्यम से पूरी इमारत का निर्माण किया गया है। बिल्डिंग की साइट पर करोड़ों रुपए के फ्लैट बेचने के लिए बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड लगाए गए हैं। हालांकि, इस मुनाफे की आड़ में सड़क किनारे खड़े पुराने नीम के पेड़ों की हालत बदतर कर दी गई है। पेड़ों की छाल कई जगह से उखड़ी हुई दिखाई दे रही है। जड़ों के आसपास कंक्रीट और मलबा जमा होने से मिट्टी दब गई है। इससे जड़ों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लंबे समय में पेड़ कमजोर हो सकते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये चारों नीम के पेड़ पुराने हैं। पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे पेड़ों का संरक्षण जरूरी है। इसके बावजूद निर्माण मलबा हटाने के बजाय पेड़ों के आसपास ही डाल दिया गया।

फुटपाथ पर भी फेंका मलबा : गंभीर बात यह है कि यह पूरा मामला गणेशपेठ पुलिस थाने के पास का है। यहां से पुलिसकर्मियों और आम लोगों की लगातार आवाजाही रहती है। इसके बावजूद पेड़ों के आसपास जमा मलबे को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नजर नहीं आई। यही नहीं, सड़क किनारे बनाए गए फुटपाथ पर भी निर्माण मलबा फैला हुआ है। इसमें ईंट, गट्टू, पत्थर और अन्य कचरा शामिल है। बारिश के बाद यही मलबा कीचड़ में बदलकर सड़क पर फैल सकता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी और खतरा बढ़ सकता है।

दो जनहित याचिकाएं : हाईकोर्ट लगा चुका है फटकार : शहर में पेड़ों के चारों ओर बिछे सीमेंट-कंक्रीट को हटाने और विकास कार्यों के नाम पर हो रही अंधाधुंध पेड़ कटाई रोकने से जुड़ी दो जनहित याचिकाएं बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में लंबित हैं। एक याचिका पर वर्ष 2018 में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था, जबकि दूसरी पर्यावरण विशेषज्ञ शरद पाटील व तीन अन्य ने दायर कर शहर के सभी पेड़ों को कंक्रीट मुक्त करने की मांग की है। 18 जून की सुनवाई में अदालत ने पेड़ों को कंक्रीट मुक्त करने के बाद उन्हें फिर से कंक्रीट से घेरने पर मनपा को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि प्रशासन को न पेड़ों के संरक्षण की चिंता है और न ही सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की।

दो जनहित याचिकाएं : हाईकोर्ट लगा चुका है फटकार : शहर में पेड़ों के चारों ओर बिछे सीमेंट-कंक्रीट को हटाने और विकास कार्यों के नाम पर हो रही अंधाधुंध पेड़ कटाई रोकने से जुड़ी दो जनहित याचिकाएं बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में लंबित हैं। एक याचिका पर वर्ष 2018 में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था, जबकि दूसरी पर्यावरण विशेषज्ञ शरद पाटील व तीन अन्य ने दायर कर शहर के सभी पेड़ों को कंक्रीट मुक्त करने की मांग की है। 18 जून की सुनवाई में अदालत ने पेड़ों को कंक्रीट मुक्त करने के बाद उन्हें फिर से कंक्रीट से घेरने पर मनपा को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि प्रशासन को न पेड़ों के संरक्षण की चिंता है और न ही सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की।


Created On :   5 Aug 2026 4:06 PM IST

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