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Nagpur News: राजनीतिक सरगर्मी , गूंगी गुड़िया टिप्पणी पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई
Nagpur News महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा की गई "गूंगी गुड़िया" टिप्पणी को लेकर राज्य की राजनीति में घमासान मच गया है। इस बयान के विरोध में महायुति के नेताओं और एनसीपी कार्यकर्ताओं ने नागपुर और नासिक सहित कई जगहों पर प्रदर्शन किया।
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नागपुर में प्रदर्शनकारियों ने सपकाल के पुतले और तस्वीर पर चप्पलें मारकर विरोध जताया। विवाद उस समय और बढ़ गया जब एनसीपी के प्रवक्ता प्रशांत पवार ने हर्षवर्धन सपकाल का चेहरा काला करने वाले को 1 लाख रुपए और उनके कपड़े फाड़ने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा कर दी। इस ऐलान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में नया विवाद खड़ा हो गया है।
सपकाल बोले- अगर गूंगी नहीं हैं तो दुर्गा बनकर दिखाएं : एक ओर एनसीपी और महायुति के नेताओं ने सपकाल के बयान की कड़ी निंदा की है, वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि उनका "गूंगी गुड़िया" वाला बयान उचित है। उन्होंने सुनेत्रा पवार को चुनौती देते हुए कहा कि "अगर वे गूंगी गुड़िया नहीं हैं तो दुर्गा बनकर दिखाएं।"
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सपकाल ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री होने के नाते सुनेत्रा पवार को सरकार के भीतर रहते हुए भी कई मुद्दों पर अधिक मुखर भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने अजित पवार से जुड़े लंबित दुर्घटना जांच, 'लाडकी बहन' योजना की सहायता राशि बढ़ाने और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया।
संजय राउत के समर्थन से और तेज हुआ विवाद : इस पूरे घटनाक्रम के बीच शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने भी हर्षवर्धन सपकाल की टिप्पणी का समर्थन किया, जिससे राजनीतिक विवाद और गहरा गया। इससे पहले एनसीपी कार्यकर्ताओं ने सपकाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचकर उनसे जवाब-तलब भी किया था।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बयानबाजी, विरोध-प्रदर्शन और इनाम की घोषणा जैसे घटनाक्रमों से महाराष्ट्र की राजनीति में तनाव और बढ़ सकता है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं, जिससे यह विवाद जल्द थमता नहीं दिख रहा है।
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Created On :   5 Aug 2026 4:34 PM IST













