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महाराष्ट्र: पीएम सूर्य घर योजना से 11 लाख घर रौशन, पुणे-मुंबई समेत 10 मार्गों पर होगा हरित हाइड्रोजन का उपयोग, बीड को मिलेगी जाम से मुक्ति

New Delhi News. प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजी: एमबीवाई) के तहत देश में अब तक 50 लाख से अधिक परिवारों को फायदा हुआ है। 4 अगस्त 2026 तक देश भर में केन्द्रीय वित्तीय सहायता के रूप में 28,024 करोड़ रूपये की सब्सिडी जारी की जा चुकी है। यह जानकारी केन्द्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि पीएमएसजी: एमबीवाई एक मांग संचालित योजना है, जिसमें महाराष्ट्र सहित देश के सभी आवासीय उपभोक्ता, जिनके पास स्थानीय डिस्कॉम का ग्रिड कनेक्शन है, योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके आरटीएस सिस्टम की स्थापना करवाने के लिए योजना का लाभ उठा सकते हैं। जोशी ने सदन को बताया कि इस योजना के तहत महाराष्ट्र में 7,09,205 आरटीएस सिस्टम स्थापित की गई है और अब तक 10,93,529 घरों को इसका लाभ मिला है। महाराष्ट्र में इस योजना के तहत कुल 5,079 करोड़ रूपये की सब्सिडी जारी की गई है। इसी प्रकार मध्यप्रदेश में में पीएमएसजी: एमबीवाई के तहत 1,60,276 आरटीएस सिस्टम स्थापित की गई है और इसके माध्यम से प्रदेश में कुल 1,65,566 घरों को फायदा मिला है। बता दें कि केन्द्र सरकार ने पीएमएसजी: एमबीवाई की शुरूआत फरवरी 2024 में की थी। इस केन्द्रीय योजना का लक्ष्य छतों पर सोलर पैनल लगाकर देश के एक करोड़ घरों को मुफ्त या कम लागत वाली बिजली उपलब्ध कराना है। सोलर पैनल की लागत पर सरकार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।
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परिवहन क्षेत्र में हरित हाइड्रोजन के उपयोग हेतु पायलट परियोजना के लिए पुणे-मुंबई समेत 10 मार्गों का चयनः गडकरी
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और सड़क परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित (ग्रीन) हाइड्रोजन मिशन के तहत परिवहन क्षेत्र में हरित हाइड्रोजन के उपयोग हेतु पायलट परियोजना के प्रथम चरण के लिए पुणे-मुंबई समेत 10 मार्गों को अंतिम रूप दे दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को राज्यसभा में सांसद मेधा कुलकर्णी के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुणे-मुंबई के अलावा ग्रेटर नोएडा-दिल्ली-आगरा, भुवनेश्वर-कोणार्क-पूरी, अहमदाबाद-वडोदरा-सूरत, साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली, जमशेदपुर-कलिंग नगर, तिरुवनंतपुरम-कोच्चि, कोच्चि-एडप्पल्ली, जामनगर-अहमदाबाद और एनएच-16 विशाखापत्तनम-बय्यावरम मार्ग शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) को योजना कार्यान्वयन एजेंसी (एसआईए) के रूप में नामित किया गया है। योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, एसआईए परियोजना आवंटित होने की तिथि से 24 माह के भीतर पायलट परियोजना को सभी पहलुओं से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करेगा। इसके अलावा, उचित प्रमाणिकता के आधार पर संचालन समिति की स्वीकृति से बिना किसी दंड के परियोजना को पूरा करने के लिए 6 माह तक का विस्तार दिया जा सकता है।
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बीड शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बाईपास रोड बनाने की मांग
बीड से लोकसभा सदस्य बजरंग सोनवणे ने बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बीड शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-548 पर शहर के दक्षिण की ओर से एक बाईपास रोड बनाने की मांग की। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान सोनवणे ने बीड जिले में अधूरे, धीमी गति से चल रहे राष्ट्रीय राजमार्गों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय पर पूरा किए जाने की भी मांग की। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद सोनवणे ने बताया कि गडकरी ने उनकी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस बाबत वह संबंधित अधिकारियों को तुरंत जरूरी जांच करने और प्रस्तावों पर कार्रवाई का निर्देश दिया जाएगा और इन कामों को प्राथमिकता के आधार पर फैसला लिया जाएगा। गडकरी ने सोनवणे को आश्वस्त किया कि वह बीड जिले में बन रही सड़कों की गुणवत्ता और समय पर काम पूरा हो, यह सुनिश्चित करने के लिए स्वयं इसकी निगरानी करेंगे।
Created On :   5 Aug 2026 8:58 PM IST











