Nagpur News: तेलुगु भाषा के महत्व पर मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

  • महाराष्ट्र राज्य तेलुगु साहित्य अकादमी का आयोजन
  • मातृभाषा संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत पर हुआ विमर्श

Nagpur News महाराष्ट्र राज्य तेलुगु साहित्य अकादमी की ओर से श्री मार्कंडेय मंदिर सभागृह, मानेवाड़ा रोड, नागपुर में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, पद्मशाली समाज के गणमान्य नागरिक एवं तेलुगु भाषी समाज के लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में पद्मशाली समाज, नागपुर के अध्यक्ष राजू नागुलवार तथा विदर्भ पद्मशाली संघम के अध्यक्ष संजय बोमेवार, भैयाजी कटकमवार, नीलेश गाजिमवार, महेश प्रेमलवार, तारकेश्वर उडतेवार, राजेश दुस्सावार, राजेश पेद्दुलवार, माणिकराव कानपिल्लेवार की प्रमुख उपस्थिति रही।

साहित्यिक सत्र में जनार्दन अंबल्ला ने “मातृभाषा तेलुगु का महत्व और आवश्यकता” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने मातृभाषा के संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी तक तेलुगु भाषा और संस्कृति पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं डॉ. सुमिता कोंडबत्तुनवार ने “एकपात्री लोकसंस्कृति बिलोरी मालन्न” विषय पर व्याख्यान देते हुए तेलुगु लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन अशोक कंटे ने किया। कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में अंतरा नृत्य क्रिएशन इंस्टीट्यूट, नागपुर के कलाकारों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। रंगारंग प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति और तेलुगु परंपरा से रूबरू कराया।

कार्यक्रम के अंत में महाराष्ट्र राज्य तेलुगु साहित्य अकादमी के पदाधिकारियों ने अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए तेलुगु भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए ऐसे आयोजन भविष्य में भी निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।


Created On :   29 July 2026 3:57 PM IST

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