Nagpur News: उपभोक्ताओं से धोखा , 600 की जगह 500 वॉट के ही सोलर पैनल, स्ट्रक्चर पर भी सवाल

उपभोक्ताओं से धोखा , 600 की जगह 500 वॉट के ही सोलर पैनल, स्ट्रक्चर पर भी सवाल
  • आंधी-तूफान में कमजोर स्ट्रक्चर धराशायी होने का हमेशा अंदेशा
  • प्रॉपर अर्थिंग नहीं होने से करंट लगने व इनवर्टर जलने का खतरा

Nagpur News सोलर प्लांट लगाने के लिए मार्केट में उतरी कंपनियां व वेंडर सुरक्षा को ताक पर रखकर सोलर प्लांट लगा रहे हैं। कमजोर एंगल व नट बोल्ट के सहारे शेड खड़ा किया जा रहा है। कम वॉट के सोलर पैनल लगाने के साथ ही प्रॉपर अर्थिंग नहीं की जा रही है। आंधी-तूफान में कमजोर स्ट्रक्चर धराशायी होने का खतरा बना हुआ है। प्रॉपर अर्थिंग नहीं होने से करंट लग सकता है।

लापरवाही : काम चलाऊ लाइटिंग अरेस्टर

सोलर प्लांट के लिए जो शेड तैयार किया जाता है, वह मजबूत होना चाहिए। एंगल मजबूत होने के साथ ही नट बोल्ट की बजाय वेल्डिंग करके ढांचा खड़ा करना चाहिए। इसी तरह यह कोटेड होना चाहिए, ताकि इसे जंग न लगे। देखने में आया कि वेंडर इस पर ध्यान नहीं देते और कमजोर ढांचा खड़ा कर देते हैं। 600 वॉट की जगह 500 और 550 वॉट के सोलर पैनल (प्लेट) लगाना आम बात हो गई है। बिजली की मार से बचने के लिए गुणवत्तापूर्ण लाइटिंग अरेस्टर लगाना होता है। वेंडर कामचलाऊ लाइटिंग अरेस्टर लगाता है। अर्थिंग के लिए जमीन में 3 से 4 फीट गड्ढा करना जरूरी होता है, लेकिन वेंडर ड्रिल मारकर काम पूरा कर लेता है। प्लैट स्कीमों कही भी गहरा गड्ढा नहीं किया जाता। इससे करंट लगने व इनवर्टर जलने का डर होता है।

लॉबिंग : ऊपर तक पहुंच

महावितरण के कुछ अभियंताओं ने सुरक्षा व गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए सोलर कंपनियों व वेंडरों का नशा उतारने का प्रयास किया, लेकिन मजबूत लॉबिंग के कारण अभियंता ही हाशिए पर आ गए। नागपुर जिले में 500 से ज्यादा वेंडर हैं। इनके संपर्क शासन-प्रशासन तक बताए जाते हैं। जब भी किसी अभियंता ने नियमों पर उंगली रखी, उस अभियंता की शिकायत कर दी जाती है। अभियंता के अधिकार भी सीमित कर दिए गए हैं। अधिकांश वेंडरों को बिजली संबंधी कोई तकनीकी ज्ञान नहीं है।

हादसे : शहर में इनवर्टर ब्लास्ट

राज्य सरकार ने सोलर प्लांट की मजबूती के लिए ठोस नीति नहीं बनाने से ये खेल चल रहा है। मुंबई में बड़ा होर्डिंग गिरने से 8 लोगों की मौत हुई थी और उसके बाद सरकार ने ठोस नीति बनाई। नागपुर जिले के बाजारगांव में डेढ़ वर्ष पहले आंधी-तूफान से सोलर पैनल उड़ गए थे। इसी तरह शहर में मानेवाड़ा में दो और गणेशपेठ में एक जगह सोलर इन्वर्टर ब्लास्ट हुआ था। इन घटनाओं में संयोग से कोई हताहत नहीं हुआ था। लेकिन,क्या किसी बड़ी विपदा का इंतजार हो रहा है?

Created On :   22 April 2026 11:51 AM IST

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