बड़े सवाल खड़े: विदेशी ही नहीं, सरकारी फंडिंग पर भी उठे सवाल, रियाज काजी केस में सिस्टम तक पहुंचे जांच के साए

विदेशी ही नहीं, सरकारी फंडिंग पर भी उठे सवाल, रियाज काजी केस में सिस्टम तक पहुंचे जांच के साए
  • अमेरिका-बेंगलुरु के साथ राज्य व केंद्र से मदद की चर्चा
  • युवा मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन

Nagpur News. मानकापुर क्षेत्र में सामाजिक सेवा की आड़ में संचालित ‘यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी’ का मामला अब महज एनजीओ विवाद तक सीमित नहीं रहा। संस्था के संचालक रियाज काजी की गिरफ्तारी के बाद यह प्रकरण फंडिंग की पारदर्शिता और संभावित सिस्टम के दुरुपयोग पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

जांच एजेंसियों का फोकस अब केवल विदेशी फंडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य और केंद्र सरकार से मिली संभावित आर्थिक सहायता की भी पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, संस्था को अमेरिका की ‘द स्माइल ट्रेन फाउंडेशन’ और बेंगलुरु की ‘चिरंतना ट्रस्ट’ से फंडिंग मिलती रही है। इसके साथ ही यह भी संकेत मिल रहे हैं कि विभिन्न सरकारी योजनाओं और अनुदानों के जरिए भी संस्था को आर्थिक सहयोग मिला हो सकता है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।

इस मामले को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने भी सक्रियता दिखाई है। संगठन के पदाधिकारी पुलिस भवन पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए रियाज काजी से जुड़े पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बड़ा सवाल: क्या सिस्टम का हुआ दुरुपयोग

इस पूरे प्रकरण ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है—क्या यह केवल व्यक्तिगत स्तर का आपराधिक मामला है, या फिर फंडिंग के जरिए सिस्टम का इस्तेमाल कर एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया गया? आने वाले दिनों में जांच की दिशा ही तय करेगी कि मामला कितनी गहराई तक जाता है।

Created On :   21 April 2026 7:19 PM IST

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