अमल पर सवाल: अब जागी मनपा - समाप्ति की ओर गर्मी अचानक 353 कुएं की सफाई प्रस्तावित, एकदम खुली नींद

अब जागी मनपा - समाप्ति की ओर गर्मी अचानक 353 कुएं की सफाई प्रस्तावित, एकदम खुली नींद
  • पानी का उपयोग करने का प्रयास
  • शहर में सार्वजनिक कुओं की सफाई पर 1.24 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए गए
  • सतरंजीपुरा, धंतोली और हुडकेश्वर-नरसाला के सार्वजनिक कुओं की सफाई के लिए 24 लाख रुपये प्रस्तावित

Nagpur News. मनपा का सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहर में जलापूर्ति के लिए पर्याप्त जलसंचय का दावा हाे रहा है। वहीं, जलप्रदाय विभाग की ओर से अचानक शहर में 353 कुओं की सफाई के लिए निविदा प्रक्रिया आरंभ की गई है। इस प्रक्रिया में सतरंजीपुरा, धंतोली और हुडकेश्वर-नरसाला के सार्वजनिक कुओं की सफाई और दुरूस्ती के लिए 24 लाख रुपये प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत कुओं से गंदे पानी निकालने, जमा मलबा और गाद निकालने, सफाई, जाली लगाना और सूचना बोर्ड लगाने का काम प्रस्तावित किया गया है। भीषण गर्मी में पेयजल के अतिरिक्त इस्तेमाल के लिए पर्यायी व्यवस्था के रूप में सार्वजनिक कुएं के पानी के इस्तेमाल का प्रयास होना था, लेकिन पूरी गर्मी के निकलने के बाद अब सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को कुएं की सफाई याद आई है। वहीं, साफ हो चुके कुएं के पानी के इस्तेमाल को लेकर भी कोई पहल नहीं हो पा रही है।

अमल पर सवाल

पिछले करीब पांच सालों में आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शहर में सार्वजनिक कुओं की सफाई पर 1.24 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए गए, बावजूद इसके शहर में अब भी पेयजल के अतिरिक्त इस्तेमाल के लिए कुएं का पानी नहीं ले पा रहे हैं। नए प्रस्ताव में शहर के तीन इलाकों में 385 कुएं की सफाई प्रस्तावित है। शहर में प्रतिदिन जलापूर्ति के लिए जनवरी माह तक 730 एमएलडी पानी को बढ़ाकर 765 एमएलडी प्रतिदिन लिया जा रहा है।

इस्तेमाल को लेकर योजना नहीं

शहर में साल 2022 से 2025 तक 849 में से 464 कुएं की सफाई का दावा हो रहा है, लेकिन साफ हो चुके कुएं के पानी के इस्तेमाल को लेकर कोई भी योजना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में अब बगैर इस्तेमाल के कुएं का पानी फिर से दूषित होने की कगार पर आ गया है।

पानी का उपयोग करने का प्रयास

श्रीकांत वाईकर, कार्यकारी अभियंता, जलप्रदाय विभाग, मनपा के मुताबिक शहर में सभी सार्वजनिक कुओं की सफाई कर जलापूर्ति के अतिरिक्त इस्तेमाल के लिए प्रयास होगा। इसके अलावा पुरानी बस्तियों और इलाकों में नागरिक कुएं के पानी का नियमित रूप से इस्तेमाल भी कर रहे हैं। कुओं की सफाई कर जाली लगाकर सुरक्षित करने का प्रयास हो रहा है।


Created On :   17 May 2026 7:11 PM IST

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