हत्या से सनसनी: चाय की टपरी में खून से लथपथ मिला था रेती व्यवसायी, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया - तीनों आरोपी गिरफ्तार

चाय की टपरी में खून से लथपथ मिला था रेती व्यवसायी, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया - तीनों आरोपी गिरफ्तार
  • मृतक के भाई रोशन ने निखिल, कुणाल और विनय पर हत्या का लगाया आरोप, पुलिस ने तीनों को किया गिरफ्तार
  • देर रात तीन दोस्तों के साथ निकला था मनीष, सुबह गंभीर हालत में मिला
  • अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शनिवार की रात मनीष चंद्रशेखर मोहिते (38) घर से निकला था। उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी रात होगी। महल निवासी मनीष रेती का व्यवसाय करता था। रात करीब 8.30 बजे उसने अपने भाई रोशन उर्फ गोलू मोहिते को फोन किया और गाड़ी की चाबी के बारे में पूछा। करीब दो घंटे बाद रात 10.30 बजे मनीष ने फिर फोन किया और पैसों की जरूरत बताई। रोशन ने पैसे नहीं होने की बात कही। कुछ देर बाद मनीष ने उसे झंडा चौक स्थित वाइट हाउस बार में बुला लिया।

रोशन बार पहुंचा तो पहली मंजिल पर मनीष अपने दोस्त निखिल चव्हाण के साथ शराब पी रहा था। रोशन भी कुछ देर दोनों के साथ बैठा। इसके बाद तीनों नीचे आए। तभी मनीष के मोबाइल पर उसके दोस्त कुणाल झाड़े का फोन आया। कुछ ही देर में कुणाल झाड़े और विनय पौनीकर भी बार के काउंटर पर पहुंच गए। चारों ने साथ में शराब पी। मनीष ने एक शराब की बोतल भी खरीदी।

इसके बाद चारों अलग-अलग दो एक्टिवा पर बार से निकल गए। मनीष और निखिल एक एक्टिवा पर थे, जबकि कुणाल और विनय दूसरी एक्टिवा से रवाना हुए। उस समय तक सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था। लेकिन कुछ घंटों बाद हालात पूरी तरह बदल चुके थे।

रात अधिक होने पर रोशन ने मनीष को फोन किया। मनीष ने बताया कि वह चितारओली स्थित ताजनेकर मूर्तिकार की दुकान पर है। भाई के यह बताने के बाद रोशन सोने चला गया। उसे क्या पता था कि इसके बाद मनीष से उसकी यह आखिरी बातचीत साबित होगी।

सुबह मिली खून से लथपथ लाश

13 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे क्राइम ब्रांच यूनिट-3 के पुलिस सिपाही मधुकर काटे रोशन के घर पहुंचे। उन्होंने मनीष के बारे में पूछताछ की। रोशन ने बताया कि वह पिछली रात निखिल, कुणाल और विनय के साथ गया था और अब तक घर नहीं लौटा है। इस पर पुलिस ने बताया कि मनीष पर जानलेवा हमला हुआ है और उसे उपचार के लिए मेयो अस्पताल ले जाया गया है।

रोशन पुलिस के साथ मेयो अस्पताल पहुंचा। शव विच्छेदन कक्ष में पहुंचते ही उसकी नजर मनीष के शव पर पड़ी। उसने शव की पहचान अपने भाई के रूप में की। मनीष के चेहरे और कपड़ों पर खून लगा था। सिर, जबड़े समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव के निशान थे। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

उधर, पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि मनीष कसार भवन के सामने स्थित एक चाय की टपरी के पास गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ हालत में मिला था। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।

भाई ने लगाया हत्या का आरोप

मनीष की मौत की जानकारी मिलने के बाद रोशन ने तहसील थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने निखिल चव्हाण, कुणाल झाड़े और विनय पौनीकर पर मनीष की हत्या करने का आरोप लगाया। रोशन का आरोप है कि तीनों ने आपस में साजिश कर हथियार और पत्थरों से मनीष पर हमला किया और उसे मौत के घाट उतार दिया।

शिकायत के आधार पर तहसील पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, हत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस पैसे के लेनदेन सहित अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। चर्चा है कि कुणाल ने कोई खदान किराए पर ली थी और इसी से जुड़े लेनदेन को लेकर विवाद हुआ हो सकता है। हालांकि, इसकी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की असली वजह और वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

Created On :   13 Sept 2026 6:58 PM IST

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