11 साल बाद फैसला: 25 हजार की रिश्वत लेने वाले उप निबंधक समेत 3 दोषी, रजिस्ट्री का मूल दस्तावेज देने के बदले मांगी थी रकम

25 हजार की रिश्वत लेने वाले उप निबंधक समेत 3 दोषी, रजिस्ट्री का मूल दस्तावेज देने के बदले मांगी थी रकम
  • 11 साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाई 2-2 साल की सजा
  • 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी
  • कनिष्ठ लिपिक और स्टांप विक्रेता के जरिए स्वीकार की थी रिश्वत

Latur News. औसा स्थित उप निबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री का मूल दस्तावेज देने के बदले 25 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में अदालत ने तत्कालीन उप निबंधक समेत तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिला एवं सत्र न्यायालय क्रमांक-2, लातूर के न्यायाधीश राहुल भागवत ने सोमवार, 7 सितंबर को तीनों आरोपियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 2-2 वर्ष के साधारण कारावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

मामला वर्ष 2015 का है। शिकायतकर्ता के संयुक्त नाम पर 20 जनवरी 2015 को कृषि भूमि की खरीद की रजिस्ट्री हुई थी। रजिस्ट्री का पूरा स्टांप शुल्क चुकाने के बावजूद मूल दस्तावेज देने के लिए तत्कालीन उप निबंधक अशोक पोमाजी बोरावके ने 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।

कनिष्ठ लिपिक और स्टांप विक्रेता के जरिए ली रकम

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जांच शुरू की। आरोप के अनुसार उप निबंधक के अधीन कार्यरत कनिष्ठ लिपिक राजेंद्रकुमार नानाराव पाटील और निजी स्टांप विक्रेता नितीन लक्ष्मीकांतराव आपसिंगेकर के माध्यम से 23 फरवरी 2015 को औसा स्थित उप निबंधक कार्यालय में 25 हजार रुपए की रिश्वत स्वीकार की गई। पंचों की मौजूदगी में रकम लेने के बाद औसा पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 3005/2015 दर्ज किया गया। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12, 13(1)(ड) और 13(2) के तहत कार्रवाई की गई थी।

11 साल बाद आया फैसला

करीब 11 साल पुराने मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय क्रमांक-2 में हुई। पुलिस की जांच और महत्वपूर्ण गवाहों के साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। मामले में सरकारी अभियोक्ता संजय मुंदडा ने पैरवी की। प्रकरण की निगरानी पुलिस निरीक्षक संजय संदिपान केसरे ने की, जबकि कोर्ट पैरवी अधिकारी पुलिस निरीक्षक हनुमंत विक्रम वारे रहे। पुलिस हवलदार भागवत कठारे, पुलिस अंमलदार असलम सय्यद और महिला पुलिस अंमलदार परवीन तांबोली ने पैरवी कार्य में सहयोग किया।

एसीबी ने नागरिकों से शिकायत की अपील की

लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) ने नागरिकों से अपील की है कि कोई लोकसेवक रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी है तो इसकी शिकायत एसीबी से करें। नागरिक लातूर एसीबी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

Created On :   8 Sept 2026 6:15 PM IST

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