गर्मी का जोर: पारा 40 डिग्री के करीब, घरों की छतों- बालकनी- आंगन या आसपास खुले स्थानों पर रखें बेजुबानों के लिए पानी

पारा 40 डिग्री के करीब, घरों की छतों- बालकनी- आंगन या आसपास खुले स्थानों पर रखें बेजुबानों के लिए पानी
  • लोगों को सामान्य से ज्यादा गर्मी का एहसास हो रहा है
  • तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज

Nagpur News. तेज धूप के प्रकोप ने शहर में गर्मी का असर और भी बढ़ा दिया है। आसमान पूरी तरह साफ रहने के कारण सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही शुष्क हवाएं वातावरण को और अधिक तप्त बना रही हैं, जिससे लोगों को सामान्य से ज्यादा गर्मी का एहसास हो रहा है। दोपहर के समय तेज लू जैसे हालात महसूस हो रहे हैं, वहीं शाम तक भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।

तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज

पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो मौसम के इस रुख को और स्पष्ट करती है। शनिवार को अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में इस बढ़ोतरी के चलते लोगों को दिन के समय घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है, वहीं चिकित्सक भी गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

वन्य जीवों और पक्षियों के लिए भी यह मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण

तेज गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्य जीवों और पक्षियों के लिए भी यह मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण बन जाता है। तापमान में लगातार हो रही वृद्धि और शुष्क हवाओं के चलते जंगलों, खेतों और शहरी इलाकों में जल स्रोत तेजी से सूखने लगते हैं। ऐसे में प्यास से बेहाल पक्षी और जानवर पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आते हैं, जिससे उनकी जान पर भी बन आती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के इस कठिन समय में यदि आम नागरिक थोड़ी सी संवेदनशीलता दिखाएं, तो कई मासूम जीवों की जिंदगी बचाई जा सकती है। घरों की छतों, बालकनी, आंगन या आसपास के खुले स्थानों पर छोटे-छोटे बर्तन या मिट्टी के पात्र में साफ पानी भरकर रखना एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी कदम है। इसके साथ ही पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना भी जरूरी है, ताकि उन्हें भोजन और पानी दोनों आसानी से मिल सके।

यह छोटी-सी पहल न केवल जीवों के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि प्रकृति के साथ हमारे संबंध को भी मजबूत बनाती है। गर्मी के इस मौसम में हर व्यक्ति यदि अपने स्तर पर यह प्रयास करे, तो हजारों पक्षियों और पशुओं को राहत मिल सकती है।

Created On :   12 April 2026 5:09 PM IST

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