स्वास्थ्य विभाग: नागपुर एम्स से नियंत्रित होंगी बच्चों की असंक्रामक बीमारियां, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने सौंपी जिम्मेदारी

नागपुर एम्स से नियंत्रित होंगी बच्चों की असंक्रामक बीमारियां, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने सौंपी जिम्मेदारी
  • राज्य का मुख्य तकनीकी केंद्र
  • भविष्य के लिए ठोस कद

Nagpur News. राज्य के बच्चों में तेजी से बढ़ रहे असंक्रामक रोगों के प्रति सरकार सतर्क हो है। इन रोगों पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल की है। विभाग ने गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नागपुर के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता करार किया है। इस करार के तहत बचपन में होने वाले मोटापा, टाइप वन डायबिटीज और अस्थमा जैसे गंभीर रोगों की रोकथाम और बेहतर प्रबंधन को मजबूती मिलेगी। मुंबई स्थित स्वास्थ्य भवन में हुए इस कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, विधायक नाना पटोले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ. निपुण विनायक, स्वास्थ्य सेवा आयुक्त डॉ. कादंबरी बालकवडे तथा यूनिसेफ महाराष्ट्र के प्रमुख संजय सिंह प्रमुखता से उपस्थित थे। इस पहल को यूनिसेफ की तरफ से जरुरी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

  • राज्य का मुख्य तकनीकी केंद्र : स्वास्थ्य विभाग ने समझौते के तहत एम्स मुख्य तकनीकी केंद्र के रूप में मान्यता दी है। यहां के विशेषज्ञ का चिकित्सा ज्ञान सीधे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ जोड़ा जाएगा। संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रशांत जोशी ने बताया कि इस पहल से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक आधुनिक उपचार सुविधाओं का लाभ पहुंच सकेगा। यूनिसेफ के संजय सिंह ने कहा कि बच्चों में इन बीमारियों को शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।
  • स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव : करार के तहत स्वास्थ्य व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे। राज्य में टाइप वन डायबिटीज, अस्थमा, मोटापा, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, जन्मजात हृदय रोग और सिकल सेल जैसे 6 प्रमुख रोगों के लिए विशेष उपचार प्रोटोकॉल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा प्रायोगिक तौर पर दस जिलों के जिला अस्पतालों में विशेष बाल असंक्रामक रोग क्लिनिक शुरू किए जाएंगे।
  • भविष्य के लिए ठोस कदम : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। असंक्रामक रोगों पर नियंत्रण केवल स्वास्थ्य क्षेत्र की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की एकत्रित जिम्मेदारी है। यह करार बच्चों को अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और पोषक वातावरण निर्माण करने की दिशा में ठोस कदम है।

Created On :   11 April 2026 8:31 PM IST

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