ऑपरेशन अमानत: वंदे भारत एक्सप्रेस में 36 हजार की सोने की बाली हुई गुम, आरपीएफ ने ढूंढकर लौटाई - पीड़ित परिवार ने चेहरे पर मुस्कान के साथ दिल से कहा - थैंक्स

वंदे भारत एक्सप्रेस में 36 हजार की सोने की बाली हुई गुम, आरपीएफ ने ढूंढकर लौटाई - पीड़ित परिवार ने चेहरे पर मुस्कान के साथ दिल से कहा - थैंक्स
  • रेलवे में खोया सामान लौटाने की अनोखी मिसाल
  • 36 हजार की सोने की बाली हुई थी गुम
  • पीड़ित परिवार ने जताया आभार

Nagpur News. नागपुर मंडल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ईमानदारी आज भी कायम है। “ऑपरेशन अमानत” के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान में आरपीएफ के जवानों ने एक यात्री की खोई हुई सोने की बाली ढूंढकर उसे सुरक्षित उसके मालिक तक पहुंचाया। इस बाली की कीमत करीब 36 हजार रुपये बताई गई है। यात्री ने इसके गुम होने की शिकायत रेल मदद ऐप पर दर्ज कराई थी।

8 अप्रैल को रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 पर एक शिकायत दर्ज हुई। नागपुर से गोंदिया जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 20826) में एक बुजुर्ग महिला, चित्रा, की सोने की बाली कहीं गिरकर गायब हो गई थी। गोंदिया स्टेशन पर उतरने के बाद उनके बेटे मनोज जेठानंद मनुजा ने तुरंत रेल मदद के जरिए इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही आरपीएफ नागपुर मंडल के अनुरक्षण दल में तैनात आरक्षक वी.पी. सिंह ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच नंबर ई-1 में बारीकी से तलाशी ली और कुछ ही समय में बाली बरामद कर ली। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना सुरक्षा नियंत्रण कक्ष नागपुर और आरपीएफ पोस्ट गोंदिया को दी।

अगले दिन, 9 अप्रैल को, आरक्षक वी.पी. सिंह जब ट्रेन नंबर 22647 तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस की ड्यूटी पर गोंदिया पहुंचे, तो उन्होंने बरामद बाली आरपीएफ गोंदिया पोस्ट को सौंप दी। इसी दौरान मनोज मनुजा को फोन कर बुलाया गया। सत्यापन के बाद उनकी मां की सोने की बाली, जिसकी अनुमानित कीमत 36 हजार रुपये थी, सुरक्षित उन्हें सौंप दी गई।

इस त्वरित और ईमानदार कार्रवाई से मनोज मनुजा बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने आरपीएफ के अनुरक्षण दल और गोंदिया पोस्ट के जवानों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर के मंडल सुरक्षा आयुक्त दीप चंद्र आर्य के मार्गदर्शन में “ऑपरेशन अमानत” के तहत आरपीएफ लगातार यात्रियों का खोया सामान ढूंढकर लौटाने का सराहनीय कार्य कर रहा है। यह घटना यात्रियों के लिए भरोसे और राहत की एक मिसाल बन गई है।

आरपीएफ का यह कार्य दर्शाता है कि सतर्कता और ईमानदारी से यात्रियों की समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है।

Created On :   10 April 2026 5:35 PM IST

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