डिजिटल क्रांति का असर: जिले में 71% बिजली बिल ऑनलाइन हो रहे हैं जमा, लाइन में लगने की झंझट से लोगों ने बनाई दूरी

जिले में 71% बिजली बिल ऑनलाइन हो रहे हैं जमा, लाइन में लगने की झंझट से लोगों ने बनाई दूरी
  • आर्थिक वर्ष 2025-26 में 71.03 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिल डिजिटल माध्यम से जमा किए
  • शहर में ऑनलाइन भुगतान का प्रतिशत सबसे अधिक है

Nagpur News. जिले में बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान उपभोक्ताओं की पहली पसंद बन रहा है। आर्थिक वर्ष 2025-26 में 71.03 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिल डिजिटल माध्यम से जमा किए हैं। खास बात यह है कि कुल राजस्व का 77.23 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 1 करोड़ 53 लाख 63 हजार 390 ट्रांजैक्शन के जरिए 3640.86 करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ। इनमें से 1 करोड़ 11 लाख 39 हजार 116 ट्रांजैक्शन ऑनलाइन हुए, जिनसे महावितरण को 2828.23 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

शहर में ऑनलाइन भुगतान का प्रतिशत सबसे अधिक है। यहां 74.57 प्रतिशत से ज्यादा उपभोक्ताओं ने डिजिटल पेमेंट का उपयोग किया, जिससे कुल राजस्व का 76 प्रतिशत यानी 2343.56 करोड़ रुपये ऑनलाइन जमा हुआ। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल भुगतान का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीण मंडल में 67.50 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने 584.67 करोड़ रुपये ऑनलाइन जमा किए।

इसके विपरीत, जिले में केवल 28.98 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अपने बिल ऑफलाइन (कैश या चेक) के माध्यम से भरे हैं। कुल राजस्व में ऑफलाइन ट्रांजैक्शन की हिस्सेदारी घटकर 22.76 प्रतिशत रह गई है।

महावितरण ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक छूट भी दी जा रही है। www.mahadiscom.in वेबसाइट, ‘महावितरण’ मोबाइल ऐप, महापावर पे और अन्य पेमेंट गेटवे के जरिए बिल भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को प्रति माह 0.25 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिलता है, जिसकी अधिकतम सीमा 500 रुपये है। समय सीमा से पहले बिल जमा करने पर ‘तत्पर पेमेंट डिस्काउंट’ भी दिया जाता है। इसके अलावा, ‘गो-ग्रीन’ विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं को पेपर बिल के बजाय डिजिटल बिल अपनाने पर हर साल 120 रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती है। क्रेडिट कार्ड को छोड़कर अन्य सभी माध्यमों से भुगतान पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।

महावितरण के नागपुर परिमंडल के मुख्य अभियंता दिलीप डोडके ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे डिजिटल भुगतान को अपनाएं। उन्होंने कहा कि इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है, साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है।

Created On :   9 April 2026 9:50 PM IST

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