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Nagpur News: कोर्ट को गुमराह करना वकील को पड़ा महंगा, हाईकोर्ट बार काउंसिल को कार्रवाई करने के निर्देश

Nagpur News. न्याय के मंदिर में धोखाधड़ी और पक्षकारों को भ्रमित करना एक वकील को भारी पड़ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने इस कृत्य को पेशेवर कदाचार मानते हुए बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा को संबंधित वकील के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
यह है मामला
यह मामला वर्धा रोड स्थित भांगे लॉन परिसर में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण से जुड़ा है। पुष्पा गुप्ता द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अनिल पानसरे और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की पीठ ने पाया कि, एड. एस.डी. चांडे ने केवल एक प्रतिवादी का वकालतनामा दाखिल किया था, लेकिन वे बिना अधिकार के अन्य प्रतिवादियों की ओर से भी पेश होते रहे।
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न्यायालय के साथ धोखाधड़ी
अदालत ने स्पष्ट किया कि, गलत प्रस्तुति और जाली दस्तावेजों के आधार पर पूर्व में (30 मार्च और 2 अप्रैल 2026 को) आदेश पारित कराए गए, जो न्याय प्रक्रिया को गुमराह करने का प्रयास था। सुप्रीम कोर्ट के ‘भगवान सिंह बनाम उत्तर प्रदेश' मामले का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि, वकीलों से उच्च नैतिक मानकों की अपेक्षा की जाती है। अदालत ने बार काउंसिल को निर्देश दिया है कि, 4 माह के भीतर इस मामले में निर्णय लिया जाए। साथ ही प्रतिवादियों को भी यह छूट दी गई है कि, वे गलत तरीके से प्रतिनिधित्व करने के लिए उक्त वकील के खिलाफ अलग से कार्रवाई कर सकते हैं।
अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर
नागपुर सुधार प्रन्यास (एनआईटी) ने अदालत को आश्वासन दिया है कि, याचिकाकर्ता की भूमि पर किया गया अनधिकृत निर्माण 6 सप्ताह के भीतर हटा दिया जाएगा। अदालत ने इस आश्वासन को स्वीकार करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया है। प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही के लिए अब 5 मई की तारीख तय की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मार्डीकर और एड. पी.ए. गुप्ता ने पक्ष रखा।
Created On :   11 April 2026 6:44 PM IST












