Nashik News: बोगस नियुक्तियों से 160 करोड़ का खेल, मास्टरमाइंड आखिरकार गिरफ्त में

बोगस नियुक्तियों से 160 करोड़ का खेल, मास्टरमाइंड आखिरकार गिरफ्त में
  • फर्जी शालार्थ आईडी बनाकर 841 शिक्षकों-कर्मचारियों के नाम पर करोड़ों रुपये निकाले
  • आर्थिक अपराध शाखा और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई

Nashik News महाराष्ट्र के बहुचर्चित ₹160 करोड़ के बोगस शालार्थ आईडी घोटाले में नाशिक पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आर्थिक अपराध शाखा और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड प्रशांत तुलशीराम वाडीले को धुलिया से गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

क्या है शालार्थ घोटाला? : जांच के मुताबिक, नाशिक, जलगांव, धुलिया और नंदुरबार जिलों में 841 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के नाम पर फर्जी शालार्थ आईडी तैयार की गईं। आरोप है कि बिना वैध प्रस्ताव के बैकडेट में नियुक्तियां दिखाकर तत्कालीन शिक्षा उपनिदेशक के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से आदेश जारी किए गए और शालार्थ प्रणाली में प्रविष्टियां कर सरकार से वेतन और एरियर के रूप में करीब 160 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में 12 मार्च 2026 को नाशिकरोड पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।

1200 से ज्यादा लोग जांच के घेरे में

पुलिस के अनुसार, इस महाघोटाले में 1200 से अधिक संदिग्ध जांच के दायरे में हैं। इनमें कई स्कूलों के प्रधानाचार्य, संस्था संचालक, तत्कालीन शिक्षा उपनिदेशक, शिक्षा अधिकारी और वेतन अधीक्षक भी शामिल बताए जा रहे हैं।

धुलिया से दबोचा गया आरोपी

तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि प्रशांत वाडीले धुलिया में छिपा हुआ है। इसके बाद EOW और क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को धुलिया की अदालत से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर नाशिक लाया जा रहा है, जहां उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

पुलिस को बड़े खुलासों की उम्मीद

पुलिस का मानना है कि वाडीले से पूछताछ में घोटाले के पूरे नेटवर्क, फर्जी नियुक्तियों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।


Created On :   11 July 2026 8:08 PM IST

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