Nagpur News: 6.20 लाख से अधिक लोग आपदा-कवच’ से हुए लैस, मौसम विभाग के ऐप से रीयल-टाइम सटीक जानकारी

Nagpur News. प्री-मानसून और मानसून के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं से जानलेवा क्षति होती है। जन-हानि को कम करने के लिए मौसम विभाग और अन्य संस्थाओं ने कई मोबाइल ऐप विकसित किए हैं। इनके माध्यम से आम नागरिकों, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को गरज-चमक, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की समय रहते चेतावनी मिल जाती है। साथ ही इन ऐप में रीयल-टाइम मौसम जानकारी, पूर्वानुमान और सुरक्षा संबंधी सलाह भी उपलब्ध रहती है, जिससे लोग पहले से सतर्क होकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। मौसम विभाग द्वारा एक्टिव इन ऐप का फिलहाल 6 लाख 20 हजार से अधिक नागरिक लाभ ले रहे हैं।
दामिनी-लाइटनिंग अलर्ट ऐप
यह ऐप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों की निगरानी करता है। यह उपयोगकर्ता की जीपीएस लोकेशन के आधार पर अलर्ट भेजता है। यदि 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होती है तो यह तुरंत सूचना देता है। इस ऐप को अब तक 10 हजार से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है।
यह भी पढ़े -मोबाइल मेडिकल वाहनों ने फूंकी ग्रामीण मरीजों में नई जान, जिले में 14 लाख से अधिक मरीजों की जांच और उपचार
मेघदूत ऐप : मेघदूत ऐप भारतीय मौसम विभाग, भारतीय उष्ण कटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की संयुक्त पहल है। इसका उद्देश्य किसानों तक महत्वपूर्ण मौसम संबंधी जानकारी पहुंचाना है। इस ऐप के माध्यम से मौसम आधारित कृषि सलाह और पांच दिन तक का मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जाता है। इसे अब तक 1 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है।
मौसम ऐप
इस ऐप के माध्यम से आम जनता को वर्तमान मौसम की स्थिति, मौसम पूर्वानुमान और विभिन्न मौसम चेतावनियों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य मौसम विभाग की सेवाओं को स्मार्टफोन के माध्यम से लोगों तक आसानी से पहुंचाना और आपदा प्रबंधन के लिए समय पर चेतावनी देना है। इसे अब तक 5 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है।
पब्लिक ऑब्जर्वेशन-आईएमडी ऐप
यह एक क्राउडसोर्सिंग आधारित मौसम ऐप है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपने क्षेत्र या स्थान की वास्तविक समय (रियल-टाइम) मौसम संबंधी जानकारी सीधे मौसम विभाग को भेज सकते हैं। इसे अब तक 10 हजार से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से मौसम अवलोकनों को बढ़ाना है। कई बार तेज वर्षा, आंधी-तूफान, बिजली गिरना, तेज हवा, ओलावृष्टि या कोहरा जैसी घटनाएं बहुत स्थानीय स्तर पर होती हैं, जिन्हें हर जगह स्थापित मौसम स्टेशनों से तुरंत दर्ज करना संभव नहीं होता।
यह भी पढ़े -कचरा डम्पिंग यार्ड से निकलने वाली जहरीली गैसें काफी खतरनाक हैं, स्थानीय लोगों का रहना मुश्किल
आधिकारिक ऐप ही डाउनलोड करें
डॉ. प्रवीण कुमार, वैज्ञानिक, प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक मौसम विभाग द्वारा विभिन्न मोबाइल ऐप विकसित किए गए हैं, जिनके माध्यम से मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है। नागरिकों को चाहिए कि वे केवल आधिकारिक ऐप ही डाउनलोड करें।
Created On :   16 March 2026 8:49 PM IST









