यह जीना भी कोई जीना है: कचरा डम्पिंग यार्ड से निकलने वाली जहरीली गैसें काफी खतरनाक हैं, स्थानीय लोगों का रहना मुश्किल

कचरा डम्पिंग यार्ड से निकलने वाली जहरीली गैसें काफी खतरनाक हैं, स्थानीय लोगों का रहना मुश्किल
  • 52 एकड़ में कचरे का पहाड़, 7 किलोमीटर तक असहनीय बदबू
  • दुर्गंध में जीने को मजबूर ‘भांडेवाड़ी’ के पास के हजारों नागरिक

Nagpur News. कल्पना कीजिए कि किसी व्यक्ति को बगैर वेंटिलेशन वाले गैस चेंबर में बंद कर दिया जाए। शुरुआत में हल्की बदबू आएगी, फिर वह असहनीय हो जाएगी और धीरे-धीरे उसकी आदत पड़ने लगेगी। लेकिन यह बदबू अंदर ही अंदर शरीर को खोखला करती रहेगी। कुछ ऐसा ही हाल नागपुर के भांडेवाड़ी कचरा डम्पिंग यार्ड के आसपास रहने वाले हजारों नागरिकों का है। करीब 52 एकड़ में फैला कचरे का पहाड़ जस का तस खड़ा है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही यहां से उठने वाली दुर्गंध और जहरीली गैसें हवा के साथ लगभग 7 किलोमीटर के दायरे तक फैल जाती हैं। यानी शहर की बड़ी आबादी इस बदबू और प्रदूषण से प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों का रहना मुश्किल

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार नजर नहीं आता। 19 अप्रैल 2025 को डम्पिंग यार्ड में लगी भीषण आग ने यहां रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं। कई दिनों तक धुआं और जहरीली बदबू फैलती रही, जिससे सांस लेना तक मुश्किल हो गया था। आज भी हालात बहुत नहीं बदले हैं। रात होते ही कचरे से उठने वाली तेज दुर्गंध पूरे इलाके में फैल जाती है और लोगों का सांस लेना मुश्किल कर देती है। सवाल यह है कि आखिर शहर के हजारों लोगों को कब तक इस ‘कचरे के पहाड़’ और उसकी दुर्गंध के बीच जीने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा।

Created On :   16 March 2026 8:21 PM IST

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