New Delhi News: राज भूषण चौधरी ने कहा - जल सुरक्षा और लैंगिक समानता, एक सभ्यतागत प्रतिबद्धता

New Delhi News. विश्व जल दिवस (22 मार्च ) के मद्देनजर आयोजित “जल, लैंगिक समानता एवं जलवायु” विषय पर एक राष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान सेमिनार में कई महत्वपूर्ण चिंताएं उजागर की गईं। भारत में प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता घटकर 1,486 घन मीटर रह गई है और आगे और कम होने की आशंका है। लगभग 60 करोड़ भारतीय जल संकट का सामना कर रहे हैं, जबकि 21 प्रमुख शहरों में 2030 तक भूजल समाप्त होने का खतरा है।
यहां फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रमुख नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, राजनयिक और विशेषज्ञ शामिल हुए। इस सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ राज भूषण चौधरी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके सारस्वत, सदस्य, नीति आयोग शामिल हुए।
केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने कहा कि जल सुरक्षा और लैंगिक समानता दो अलग-अलग योजनाएं नहीं हैं। यह एक सभ्यतागत प्रतिबद्धता है। जल जीवन मिशन के तहत 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों को नल जल कनेक्शन दिया गया है, जिससे महिलाओं के रोज़ाना 5.5 करोड़ घंटे बच रहे हैं। यह केवल आंकड़ा नहीं,यह आजादी है। जब हमने एक महिला को नल दिया, हमने उसे केवल पानी नहीं दिया, बल्कि समय दिया। उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा ही 2047 के भारत की नींव है।
Created On :   18 March 2026 6:40 PM IST












