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डिजिलेप से जुड़े हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के 65 फीसदी स्टूडेंट  

डिजिलेप से जुड़े हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के 65 फीसदी स्टूडेंट  

डिजिटल डेस्क सतना। कोरोना काल में लॉकडाउन के बीच स्कूली बच्चों को पढ़ाई से जोडऩे रखने के लिए लागू की गई डिजिटल लर्निंग इनहैन्समेंट प्रोग्राम (डिजिलेप) से जिले के हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के जहां 65 फीसदी स्टूडेंटस को जोडऩे में कामयाबी मिली है, वहीं प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के महज 36 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को जोड़ा जा सका है। सभी विद्यार्थी सरकारी स्कूलों के हैं। उल्लेनीय है, जिले के   सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 वीं तक 71 हजार और पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में 1 लाख 70 हजार स्टूडेंट रजिस्टर्ड हैं।
बच्चों को स्मार्ट फोन देने से बचते हैं ग्रामीण 
लॉकडाउन के दौरान घर बैठे अध्ययन की सुविधा के मामले में डिजिलेप के अच्छा नतीजे सामने आ रहे हैं,वहीं कुछ व्यवहारिक समस्याएं भी हैं। मसलन- ज्यादातर ग्रामीण अपने बच्चों को स्मार्ट फोन देने से बच रहें हैं,उन्हें यह पसंद नहीं कि बच्चे के पास 2 या 3 घंटे स्मार्ट फोन रहे। डीईओ ने बताया कि इस संबंध में ग्रामीण अभिभावकों को जागरुक बनाने के प्रयास चल रहे हैं। उन्हें डिजिलेप के महत्व की जानकारी दी जा रही है। इसी बीच एक तकनीकी बाधा ये भी है कि ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर अभिभावकों के पास या तो स्मार्ट फोन नहीं हैं या फिर डाटा और नेटवर्क की समस्या है।  
 कमिश्नर ने दी फीड बैक लेने की हिदायत 
 इसी बीच रीवा संभाग के कमिश्नर डा.अशोक भार्गव ने संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को डिजिलेप की निरंतर मॉनीटरिंग और फीड बैक लेने की हिदायत दी है। उन्होंने शिक्षकों को कम से कम एक दिन में 5 अभिभावकों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए हैं। ऑन लाइन पढ़ाई का अभियान अप्रैल माह से चल रहा है। कमिश्नर ने टेलीफोन काल रजिस्टर बनाने, जूम वीडियो कान्फ्रेंसिंग से समीक्षा करने, डीईओ- डाइट प्राचार्य और संकुल प्रभारियों को वेबनार से जिला स्तर पर समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
उत्कृष्ट प्रदर्शन पर होगा सम्मान 
कमिश्नर ने डिजिलेप को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की जरुरत जताते हुए कहा कि इसमें आ रही बाधाओं को प्राथमिकता के साथ दूर किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में  उत्कृष्ट कार्य करने पर संबंधितों को समारोह पूवर्क आयोजित कार्यक्रम में डिजिचैम्प प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है, लॉकडाउन के दौरान बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए  डिजिलेप के तहत वाटसएप गु्रप, दूरदर्शन और रेडियो प्रसारण के माध्यम को अपनाया गया है। स्टडी मैटेरियल राज्य शिक्षा केंद्र और लोक शिक्षण संचालनालय
उपलब्ध कराते हैं।
 इनका कहना है
 1-  डिजिलेप के अच्छे परिणामों के लिए ज्यादा से ज्यादा जागृति जरुरी है। फीडबैक से सुधार की संभावना बनती है। बाधाओं को दूर करने के लिए भी मानीटरिंग जरुरी है। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को डिजिचैम्प प्रमाण-पत्र से समारोह पूर्वक  सम्मानित किया जाएगा।
डा.अशोक भार्गव,कमिश्नर रीवा संभाग
2- डिजिलेप से अब तक जिले के हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के 65 प्रतिशत तथा प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के 36 फीसदी विद्यार्थियों को जोड़ा जा सका है। अभिभावकों को जागरुक बनाने के प्रयास चल रहे हैं। अच्छे परिणाम की उम्मीद है।
टीपी सिंह, डीईओ,सतना
 

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