comScore

कलाकारों ने की महाराष्ट्र सरकार की तरह मानदेय और पेंशन की मांग

कलाकारों ने की महाराष्ट्र सरकार की तरह मानदेय और पेंशन की मांग

कलेक्टर कार्यालय में भारी भीड़ पर प्रतिबंध फिर भी पहुंच गये सैकड़ो कलाकार
डिजिटल डेस्क बालाघाट।
महाकौशल जनजागृति शायरी संघ के बैनर तले जिले भर से आये सैकड़ो कलाकारों ने आज 13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कोरोना कॉल में बंद पड़े कार्यक्रमों के कारण आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कलाकारों को महाराष्ट्र सरकार की तरह मानदेय और पेंशन दिये जाने सहित अन्य मांगो के निराकरण की मांग की।
कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपने पहुंचे संघ अध्यक्ष शायर गौरीशंकर मोहारे ने कहा कि जिले में ग्रामीण अंचल के गरीब परिवार के लोग अपने परंपरागत कला संगीत के आधार पर अपने परिवार का पालन-पोषण करते है, अपनी कला संगीत के माध्यम से यह धर्म और शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते है लेकिन वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण कला संगीत से जुड़े कलाकारों के आयोजन को अनुमति नहीं दिये जाने से कलाकार अपने घर पर बैठे है, जिससे उन्हें, परिवार के जीविकोपार्जन के लिए आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आगामी समय में मातारानी के नवरात्र पर्व और दीपावली के बाद गांव-गांव में मंडई, मेले का आयोजन होना है, जिसे देखते हुए कला संगीत से जुड़े कलाकारों को यदि रात्रिकालीन कार्यक्रम के लिए अनुमति प्रदान की जाती है तो कलाकार, अपने कार्यक्रमों के माध्यम से परिवार के जीविकोपार्जन के लिए आर्थिक रूप से सक्षम हो पायेंगे।
श्री मोहारे ने कहा कि पूर्व में भी प्रशासन से ज्ञापन के माध्यम से कला संगीत से जुड़े कलाकारों के लिए कार्यक्रम कराये जाने की मांग रखी गई थी। जिस पर आज तक कोई अमल नहीं किया गया। जिससे पूरे जिले के कलाकार परेशान और हताश है, जिसको लेकर एक भी फिर प्रशासन से कला संगीत और कलाकारों को बचाये जाने के लिए संघ ने प्रशासन से कार्यक्रमों के लिए कोविड-19 के नियमों के तहत अनुमति प्रदान करने की अपील की है, इसके बाद भी यदि प्रशासन गंभीरता से मांगो पर विचार नहीं करता है तो आगामी समय में पूरे जिले के कलाकार मजबूर होकर धरना आंदोलन, भुख हड़ताल का सहारा लेकर शासन, प्रशासन का खुलकर विरोध करेंगे।
महाराष्ट्र सरकार की तरह मानदेय और पेंशन
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे सैकड़ो की संख्या में महाकौशल जनजागृति शायरी संघ ने महाराष्ट्र सरकार की तरह मध्यप्रदेश के कलाकारों को मानदेय और पेंशन सुविधा दिलाये जाने की मांग के साथ्ज्ञ ही कला मंडलियों का रजिस्ट्रेशन सुविधा, मंडलियों को 25-25 हजार रूपये की सहायता राशि, रात्रिकालीन कार्यक्रमों की अनुमति प्रदान किये जाने की मांग की गई।
प्रतिबंध के बावजूद कैसे पहुंच गये सैकड़ो लोग
कोविड-19 महामारी के कारण कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने वालो की संख्या निर्धारित कर अधिक संख्या में ज्ञापन देने आने वाले पर प्रतिबंध लगा है, लेकिन आज सैकड़ो की संख्या में कलाकारों की मंडली कलेक्टर कार्यालय में दिखाई दी। जिससे प्रतिबंध नियमों के पालन में लापरवाही देखी गई। वहीं कुछ लोगों ने सवाल भी खड़े किये कि किसी मामले में नियमों का पालन तो किसी मामले में कोई पूछताछ नहीं।
 

कमेंट करें
LaOFz