क्रूज ड्रग्स पार्टी : आर्यन खान को नहीं मिली जमानत, 20 अक्टूबर को होगा फैसला

October 14th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। क्रूज ड्रग्स पार्टी मामले में गिरफ्तार किए गए आर्यन खान और दूसरे आरोपियों को अभी कुछ दिन और जेल में गुजारने होंगे। मुंबई की विशेष एनडीपीएस अदालत ने गुरूवार को इस मामले में सुनवाई के बाद फैसला 20 अक्टूबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया। इसका मतलब आर्यन और उसके साथ मामले में गिरफ्तार अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमीचा को अगले बुधवार तक मुंबई की आर्थर रोड जेल में ही रहना होगा। वहीं कोरोना संक्रमण से कैदियों को बचाने के लिए आर्यन और दूसरे आरोपियों को अब तक जेल में ही बने क्वारेंटाईन सेंटर में रखा गया था। लेकिन यह अवधि समाप्त होने के बाद अब आर्यन को जेल में अन्य कैदियों के बीच रहना होगा। 

नियमित ड्रग्स लेता है आर्यन 

एनसीबी की ओर से एडिशनल सॉलिसीटर जनरल अनिल सिंह ने आर्यन की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आर्यन से कितनी मात्रा में ड्रग्स बरामद की गई है इस बात का जमानत से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि आर्यन के ह्वाट्सएप चैट से खुलासा हुआ है कि वह नियमित तौर पर ड्रग्स का सेवन करता है। ऐसे में उसके पास ड्रग्स न पाया जाना कोई मायने नहीं रखता। एनडीपीएस कानून की कई धाराओं में ड्रग्स की बरामदगी जरूरी नही है। दोषी पाए जाने तक निर्दोष होने की दलील एनडीपीएस के मामलों में नहीं चलती। इसमे आरोपी को अपने पास ड्रग्स न होने की बात साबित करनी पड़ती है। शौविक चक्रवर्ती से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के आदेश को पढ़ते हुए सिंह ने कहा कि अदालत ने अपने फैसले में माना था कि आरोपी जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी था और वहां पैसों का लेन देन हुआ था। अदालत ने माना था कि एनडीपीएस के तहत सभी जमानती अपराध गैर जमानती है। कोर्ट ने आरोपी से कहा था कि अगर कोई रिकवरी नहीं हुई तब भी आप ड्रग डीलर्स के संपर्क में थे इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती। 

सिंह ने कहा कि इस मामले में भी आरोपी ड्रग डीलर अचित कुमार और शिवराज के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि आर्यन और उसके दोस्त अरबाज के पास छह ग्राम ड्रग्स बरामद हुई है और वह यह नहीं कह सकते कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नही थी। दोनों अच्छे दोस्त थे और दोनों एन्जॉय कर रहे थे। जांच एजेंसी के मुताबिक आर्यन के अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करों से संपर्क और अवैध रूप से ड्रग्स हासिल करने के सबूत हैं। इससे पहले बुधवार को भी जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान सिंह की दलीलें अधूरी रह गईं थीं जिसे उन्होंने गुरूवार को पूरी करते हुए आरोपियों को जमानत देने का विरोध किया दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला अगले बुधवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया।   

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