गोंदिया: कोरोना प्रभावित महिलाओं और बच्चों को योजना का दिया जाए लाभ

January 12th, 2022

डिजिटल डेस्क, गोंदिया। कोविड 19 की वजह से प्रभावित हुए महिला व बालकों को मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत शासन स्तर पर चलाई जानेवाली योजनाओं का लाभ दिया जाए, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी नयना गुंडे ने संबंधित अधिकारियों को दिए है। हाल ही में जिलाधिकारी कार्यालय के सभागृह में जिलाधिकारी नयना गुंडे की अध्यक्षता में जिलास्तरीय कृति दल व मिशन वात्सल्य अंतर्गत  योजनाओं की समीक्षा की गई। इस समय जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सूचनाएं दी तथा  जिनके नाम सूची से छूट गए हैं, उनकी जांच कर योजना का लाभ देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड 19 अथवा किसी कारण से 18 वर्ष आयु से कम नाबालिकों के माता-पिता की मृत्यु हुई हो तो अनाथ प्रमाणपत्र पाने के लिए जिला महिला व बाल विकास अधिकारी कार्यालय गोंदिया में आवेदन करें। इसी तरह सड़क पर लावारिस भटकने वाले बालकों का सर्वेक्षण किया जाएगा। उक्त बालकों की जानकारी सर्वोच्च न्यायालय देना है। इस संदर्भ में कृति दल के सदस्यों द्वारा सहयोग किया जाए व अनाथ बालक नजर आने पर जिला परिषद अंतर्गत कार्यरत बस्तीगृह में बाल कल्याण समिति के आदेश के तहत दर्ज किए जाए, ऐसा जिलाधिकारी गुंडे ने कहा। इस समीक्षा बैठक में जिला महिला व बाल विकास अधिकारी तुषार पौनीकर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानन गोबाड़े, सभी तहसीलों के तहसीलदार, बाल विकास प्रकल्प अधिकारी, पुलिस उपअधीक्षक तेजस्विनी कदम, जिला शल्य चिकित्सक डा. अमरीश मोहबे, सरकारी कामगार अधिकारी गुणवंत पंधरे, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संगीता घोष, सदस्य आशा ठाकुर, रेलवे स्टेशन प्रबंधक एनआर पति, चाइल्ड लाइन समन्वयक विशाल मेश्राम आदि उपस्थित थे। 

कोरोना से माता-पिता को खोनेवाले बच्चों को दिया जा रहा अनुदान

जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों में एक पालक खोनेवाले बच्चों की संख्या 281 व दोनों ही पालकत्व खो चुके कुल 11 बालक होकर इनमें से 266 बालकों को बाल कल्याण समिति की ओर से बाल संगोपन योजना का आदेश दिया गया है। वहीं 190 बालकों को 1 हजार 100 रुपए प्रति माह के हिसाब से 6 लाख 14 हजार 900 रुपए अनुदान वितरित किया गया है। वहीं अनाथ 11 बालकों के लिए 5 लाख रुपए निवेश किए गए हैं। वहीं पीएम केयर फंड से 10 लाख रुपए दिलाने के लिए कार्यवाही की गई है। सभी अनाथ बालकों का अनाथ प्रमाणपत्र तैयार किया गया है। निजी शालाओं में अध्ययनरत बालकों का शैक्षणिक शुल्क मिलने के लिए 42 बालकों का नाम जेएम फाउंडेशन को भेजे गए हैं।