दैनिक भास्कर हिंदी:  पत्नी को 3 तलाक कहने पर रेलकर्मी के खिलाफ नए कानून के तहत अपराध दर्ज

July 26th, 2021

जिले का पहला मामला, 10 लाख और कार नहीं मिलने पर 4 माह में ही तोड़ दिया रिश्ता  
डिजिटल डेस्क सतना।
मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम अमल में आने के बाद जिले में पहला अपराध महिला थाना में पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने कायमी के साथ ही आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है। इस संबंध में पुलिस से  मिली जानकारी के मुताबिक नजीराबाद निवासी 36 वर्षीय महिला का निकाह रेलवे के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी मुख्तार अली सिद्दीकी पुत्र इलियास सिद्दीकी निवासी बसीरन मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली के साथ 23 मार्च 2021 को हुआ था। शादी में मुस्लिम रीति रिवाज के मुताबिक 21 हजार 786 रुपए दिए गए तो गृहस्थी का सामान, जेवर और बाइक व स्कूटर भी दहेज में दी गई, मगर कुछ दिन बाद से ही मुख्तार ने पत्नी को दहेज कम लाने के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। आरोपी ने अपनी नौकरी का रौब झाड़कर 10 लाख नकद और कार की मांग रख दी, तब पीडि़ता ने मां और भाई की आर्थिक स्थितियों का हवाला देकर मना कर दिया। कुछ दिन बाद भाई के साथ मायके लौट आई। 5 अप्रैल को ससुर समेत कुछ रिश्तेदार पुन: ससुराल बुला ले गए। इस बीच पति का उपेक्षापूर्ण व्यवहार और तानों का सिलसिला चलता रहा। 14 मई को जब भाई, बहन और बहनोई ईद पर ससुराल आए तो पति ने उनके सामने भी दहेज की मांग दोहराते हुए मारपीट कर एक तलाक बोल दिया। इतना ही नहीं कपड़े-गहने छुड़ाकर घर से निकाल दिया।
परामर्श केन्द्र को भी किया गुमराह —-
पति के बर्ताव से परेशान होकर नवविवाहिता ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की, जिस पर उन्होंने मानवीय परामर्श केन्द्र को सुलह कराने के निर्देश दिए। मगर 7 जून की तारीख पर आरोपी हाजिर नहीं हुआ। लिहाजा परामर्श केन्द्र के अधिकारियों ने 10 जुलाई की तिथि नियत कर दी, तब पति के बजाए ससुर इलियास सिद्दीकी ने उपस्थित होकर मुख्तार के दुर्घटना में घायल होने के कारण हाजिर नहीं होने का हवाला दिया। ऐसे में 22 जुलाई को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। इस दिन मुख्तार आया, लेकिन यह कहकर टाल-मटोल करने लगा कि सुलह के लिए उसने जिला विधिक प्राधिकरण में आवेदन लगाया है, जहां से 3 अगस्त की तारीख दी गई है। अंतत: बातचीत के बाद पति व ससुर ने 23 जुलाई को बहू को घर ले जाने की सहमति दे दी, मगर काफी इंतजार के बाद भी कोई नजीराबाद नहीं आया, तब पीडि़त महिला भाई के साथ ससुराल पहुंच गई, जहां घर के अंदर जाते ही मुख्तार अली ने फिर से गाली-गलौज करते हुए तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया।
तब हुई कायमी 
पति के इस बर्ताव से आहत पीडि़ता ने शनिवार को महिला थाने में लिखित शिकायत की, जिस पर थाना प्रभारी साधना कठेल ने बयान लेकर आरोपी पति के विरूद्ध (अपराध क्रमांक 24/21) आईपीसी की धारा 498ए, मध्य प्रदेश दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 एवं मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकार का संरक्षण) अधिनियम 2019 की धारा-4 के तहत कायमी कर ली। पुलिस ने आरोपी  को भी हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर  दी है। मुस्लिम महिलाओं के लिए देश की संसद के द्वारा बनाए गए कानून के तहत दर्ज किए गए इस अपराध में जल्द ही चालान पेश करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
 

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