comScore

घटा संक्रमण - 52 दिन बाद 100 से कम हुए नए मरीज :1000 लोगों में सिर्फ 45 का ही कोविड टेस्ट 

घटा संक्रमण - 52 दिन बाद 100 से कम हुए नए मरीज :1000 लोगों में सिर्फ 45 का ही कोविड टेस्ट 

19 अगस्त के बाद दो अंकों में आए नए पॉजिटिव, 90 प्रतिशत हो रहे स्वस्थ
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
20 अगस्त से 10 अक्टूबर के इन 52 दिनों में कोरोना के रोज मिलने वाले संक्रमित मरीजों की संख्या तीन अंकों में ही रही, रविवार को 95 पॉजिटिव मिलने के साथ यह संभावना जताई जा रही है कि इसमें और कमी आएगी। हालाँकि 20 अगस्त के पहले भी 31 जुलाई, 14 और 15 अगस्त को 100 से अधिक नए मरीज मिले थे, लेकिन तीन अंकों की निरंतरता 20 अगस्त के बाद ही आई। प्रशासन ने अब जिले की आबादी के हिसाब से की जा रही कोविड टेस्टिंग का प्रतिशत भी आँकना शुरू कर दिया है, इसके अनुसार रविवार शाम तक जिले में 1000 लोगों में सिर्फ 45 की ही जाँच हो सकी है। जिले की आबादी 2786311 है जिसमें अभी तक मात्र 126323 टेस्ट ही हुए हैं। 
अगस्त और सितंबर माह में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मिले हैं। अगस्त माह में इनकी संख्या 2930 थी तो सितंबर में 5791 मरीज मिले। इनमें सितंबर के 11 दिन तो 200 से ज्यादा मरीज मिले जिनमें सर्वाधिक 251 मरीजों की संख्या 20 िसतंबर को थी। 25 सितंबर से नए मरीजों की संख्या में कमी आना शुरू हुई, जो कि अब दो अंकों में पहुँच गई है। 19 अगस्त को नए संक्रमितों की संख्या 85 थी उसके बाद अब 52 दिन बाद  इनकी संख्या 100 से कम हुई है। 
टेस्ट कम तो मरीज भी - जिले में आबादी के हिसाब से टेस्टिंग की कमी पर भी चर्चा हो रही है। यहाँ प्रति हजार मात्र 45 लोगों की जाँच से कोविड के ज्यादा से ज्यादा मरीजों का पता लगाया जाना मुश्किल माना जा रहा है। वर्तमान में तो सैंपलिंग पर और कसावट लाई गई है, फीवर क्लीनिक में भी बहुत जरूरी होने पर ही टेस्ट करने के मौखिक निर्देश हैं, वहीं पूर्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरटीपीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट के प्रतिदिन के जो आँकड़े दिए जा रहे थे वे कुछ दिनों से नहीं बताए जा रहे हैं। अहमदाबाद की निजी लैब सुप्राटेक या मेडिकल में भेजे जाने वाले सैंपलों की संख्या पर भी पर्देदारी कर दी गई है। प्रशासन ने रविवार को जाँच के लिए भेजे गए कुल सैंपलों की संख्या 1319 बताई है, लेकिन ये कहाँ भेजे गए अब यह नहीं बताया जा रहा है।
रिकवरी रेट पर फोकस-  जिले में कोरोना मरीजों के ठीक होने का प्रतिशत बढ़ाने पर ज्यादा से ज्यादा जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग इन्हीं आँकड़ों को बढ़ाने में लगा है, रविवार को जिले में रिकवरी रेट 90 प्रतिशत के पार हो चुका था।
 

कमेंट करें
6pa9v