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देवास: पंचायतों की व्यवस्था में लघुवनोपज को जोड़ा जाएगा लघु वनोपज के उत्पाद, उपार्जन संबंधी नीति में आवश्यक संशोधन किए जायेंगे

January 12th, 2021 15:43 IST
देवास: पंचायतों की व्यवस्था में लघुवनोपज को जोड़ा जाएगा लघु वनोपज के उत्पाद, उपार्जन संबंधी नीति में आवश्यक संशोधन किए जायेंगे

डिजिटल डेस्क, देवास। देवास अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मनोज श्रीवास्तव की अध्यक्षता में लघु वनोपज के उत्पाद, उपार्जन संबंधी वर्तमान नीति में संशोधन संबंधी गठित समिति की बैठक विन्ध्याचल भवन में सम्पन्न हुई। बैठक में श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि लघु वनोपज के उत्पादों से संबंधित सतस्त बिन्दुओं यथा, उत्पादन, उपार्जन, विपणन इत्यादि पर ग्राम सभाओं का इन उत्पादों पर प्रथम अधिकार की वर्तमान नीति का समग्र रूप से परीक्षण कर उसमें आवश्यक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश वन विभाग को समन्वयक और लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक को सदस्य नियुक्त किया गया है। बैठक में ग्राम सभा की शक्तियां और कृत्य और वार्षिक सम्मिलन संबंधी जानकारी दी गई। बैठक में सुझाव दिया गया कि लघु वनोपज को ग्राम सभा से जोड़ा जायेगा। ग्राम के आर्थिक विकास के लिए ऐसी स्कीमों की पहचान तथा उनकी प्राथमिकता के सिद्धांतों को अधिकथित करना सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिये ऐसी योजनाएँ, जिसमें समस्त वार्षिक योजनायें सम्मिलित हैं। कार्यक्रमों तथा परियोजनाओं को ग्राम पंचायत द्वारा क्रियान्वयन किया जाएगा। बैठक में लघु वनोपज के उत्पाद के लिये स्वयं सेवी संस्था के सहयोग की आवश्यकता है। संग्राहकों को हाट बाजार तैयार करने के लिए सहयोग कर रहे है। जीपीडीपी प्लान बनाया जा रहा है। लघु वनोपज की उपलब्धता कम हो रही है। तेन्दूपत्ता नीति में संशोधन किया जायेगा। आंवला का उत्पादन कम हुआ है, इसके लिये समुदाय को जोड़ना होगा। ग्राम के 300 लोगों को समूह बनाया जाए। प्रधानमंत्री वन-धन योजना संचालित है। योजना का उद्देश्य वन क्षेत्र का विकास करना है। मध्यप्रदेश में तीन चार ग्राम का कलस्टर बनेगा। इसमें वनवासी कल्याण परिषद भी सहयोग करेगी। ग्राम सभा में उपस्थिति को बढ़ाया जायेगा। इसमें वन विभाग भागीदारी नहीं निभायेगा तब तक कुछ नही हो सकता।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।