अब लौट चलें: यूक्रेन-रूस युद्ध का असर शुरू, लोहा 1000 रुपए टन हुआ महंगा

February 27th, 2022

डिजिटल डेस्क,  नागपुर। यूक्रेन और रूस के बीच पिछले तीन दिनों से जारी युद्ध का असर लोहे के दाम पर दिखाई दे रहा है। शहर में लोहे के दाम 1000 से 1500 रुपए प्रति टन तक बढ़े हैं। हालांकि पिछले एक सप्ताह से ही लोहे के दाम में बढ़त का सिलसिला जारी है। स्थानीय लोहा व्यापारी के अनुसार, पिछले सप्ताह शहर में लोहा 62 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रहा था, जो अब 66 रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया है। लोहे के दाम बढ़ने का कारण महंगा कोयला भी बताया जा रहा है। थोक बाजार में लोहा 65000 रुपए प्रति टन तक है। यूक्रेन दुनिया का सातवां सबसे बड़ा लौह अयस्क का उत्पादक देश है। बताया जा रहा है कि इस युद्ध के कारण देश भर में लोहे के दाम आसमान छू सकते हैं। युद्ध के चलते अन्य देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगा दिए हैं। रूस दुनिया का पांचवां आयरन ओर उत्पादक देश है। लोहा व्यापारी राजेश सारडा ने बताया कि आयरन ओर के उत्पादन में यूक्रेन दुनिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उत्पादन कम होने से विश्व बाजार में लोहे के दाम बढ़ेंगे, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।

कोरोना काल में खदानें बंद होने के कारण पहले ही लोहे का उत्पादन काफी कम हो गया था,  जिससे लोहे के दाम काफी बढ़ गए थे। लोहे के दाम बढ़ने का सीधा असर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की कॉस्ट पर पड़ रहा है। नागपुर से मध्यप्रदेश, वेस्टर्न महाराष्ट्र, दक्षिण के राज्यों को लोहे की आपूर्ति की जाती है। यहां से रोजाना 2 से 3 हजार टन लोहे की खपत होती है। यह आंकड़ा एक महीने में एक लाख टन तक पहुंच जाता है। राजेश सारडा ने बताया कि जनवरी से लेकर मार्च महीने के बीच शहर में लोहे की खपत काफी बढ़ जाती है। अभी बाजार में डिमांड काफी अच्छी है।