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फ्लाई ओवर के लिए पीएण्डटी की दीवार अलग करके चाहिए अब 20 फीट जमीन

फ्लाई ओवर के लिए पीएण्डटी की दीवार अलग करके चाहिए अब 20 फीट जमीन

डिजिटल डेस्क जबलपुर । दमोहनाका-मदन महल फ्लाई ओवर की जो सड़क रानीताल से गढ़ा की ओर जाएगी उसके लिए पीएण्डटी की दीवार तोडऩी पड़ेगी। दीवार हटाकर 20 फीट की जगह पिलरों के लिए चाहिए तभी फ्लाई ओवर से सड़क सुविधा पूर्वक इस मार्ग पर उतर सकती है। दीवार हटाकर 20 फीट जगह के लिए लोक निर्माण विभाग को लेकिन लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। दीवार अलग करके जो जरूरत के लिए भूमि चाहिए उसके लिए लोक निर्माण विभाग ने दूर संचार निर्माण के अधिकारियों से पत्र व्यवहार कर चर्चा तो की है लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई उत्तर इसको लेकर नहीं दिया गया है। पीएण्डटी प्रबंधन ने शुरूआती चर्चा में बस इतना कहा है कि सड़क चौड़ीकरण के समय जो पूर्व में जगह दी गई है, उसको लेकर मुआवजा नगर निगम ने अभी तक नहीं दिया है। उसके स्वामित्व वाली जगह है जिसका पूर्व में मुआवजा दिया जाना चाहिए था। 
इधर प्रबंधन की ओर से कोई उत्तर न मिलता देख लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण बड़ा है और आने वाली पीढियों को देखते हुये फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है, इसलिए सार्वजनिक हित को देखते हुये सहयोग करना चाहिए। यदि पीएण्डटी प्रबंधन सहयोग नहीं करता है तो जिला प्रशासन से मदद लेकर इसकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। कुल मिलाकर रानीताल से गढ़ा मार्ग पर फ्लाई की ओर से जो सड़क उतरेगी उसके लिए जमीन सहज रूप में नहीं मिल सकती है। यह संभव है कि इसके लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा और इसमें निर्माण टारगेट भी आगे बढ़ सकता है। 
पहले ली गई 10 फीट जमीन 8ननि ने रानीताल चौक से गढ़ा और गेट नबंर चार से स्नेह नगर मार्ग को कुछ साल पहले चौड़ा किया था, तो भूमि के लिए दोनों हिस्सों में पीएण्डटी की दीवार को  तोड़ा गया था। इस प्रोसेस में एक तरफ करीब 15 फीट तो दूसरी तरफ 10 फीट जगह पूर्व में ली जा चुकी है। अब मामला सार्वजनिक हित का है जिससे एक बार फिर इसको तोड़ा जाना तय है। लोनिवि. ने इसका प्रारंभिक खाका तैयार किया है कि यदि 20 फीट के करीब जमीन ली गई तो कितना मुआवजा उसे पीएण्डटी प्रबंधन को देना पड़ेगा। रानीताल चौराहा गढ़ा की ओर से 500 मीटर के दायरे में जमीन की जरूरत है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।