दैनिक भास्कर हिंदी: व्यापम फर्जीवाड़ा : चार आरोपियों को चार-चार साल की सजा, 2013 का मामला 

July 31st, 2018

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। विशेष जस्टिस एसएस परमार ने व्यापमं फर्जीवाड़े में मुरैना निवासी चार आरोपियों को चार-चार साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपियों पर चार-चार हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। सजा पाने वालों में अभ्यर्थी, सॉल्वर, बिचौलिया और अभ्यर्थी का पिता शामिल है। यह मामला वनरक्षक परीक्षा-2013 का है।

सीबीआई की ओर से पेश आरोप पत्र में कहा गया कि 3 मार्च 2013 को मुरैना के सेन्ट मेरी स्कूल में वनरक्षक पद के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में दीपक जाटव की जगह सॉल्वर लक्षमी नारायण जाटव ने परीक्षा दी थी। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब दमोह में आयोजित साक्षात्कार के लिए दीपक जाटव पहुंचा। दीपक जाटव की फोटो और हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर दीपक ने बताया कि उसकी जगह लक्षमी नारायण जाटव ने परीक्षा दी थी।

एक लाख में हुआ था सौदा
आरोप पत्र में कहा गया कि दीपक जाटव के पिता भागीरथ जाटव ने दीवान जाटव नामक बिचौलिए के जरिए परीक्षा में सॉल्वर बैठाने के लिए एक लाख रुपए में सौदा किया था। दीवान जाटव ने पैसे देकर लक्षमी नारायण जाटव को दीपक की जगह परीक्षा में बैठाया था। सीबीआई ने चारों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया। विशेष लोक अभियोजक पवन पाठक ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले में 44 गवाह पेश किए थे। सुनवाई के बाद न्यायालय ने चारों आरोपियों को चार-चार साल की सजा और चार-चार हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

जबलपुर जोन का पहला मामला
व्यापमं फर्जीवाड़े में जबलपुर जोन का यह फैसला है। इसके पूर्व भोपाल और ग्वालियर जोन में व्यापमं मामले में एक-एक फैसले हो चुके है। विशेष लोक अभियोजक श्री पाठक ने बताया कि सीबीआई के जबलपुर, भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में चार जोन बनाए गए है। जबलपुर जोन में व्यापमं के 25 मामले चल रहे है।