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 घर बैठे रोजगार का झांसा देकर सवा करोड़ की ठगी, मास्टर माइंड फरार 

 घर बैठे रोजगार का झांसा देकर सवा करोड़ की ठगी, मास्टर माइंड फरार 


डिजिटल डेस्क सतना। घर बैठे रोजगार की आड़ में सवा करोड़ की ठगी का मास्टर माइंड राजेश तिवारी और उसके मददगारों का फिलहाल कोई सुराग पुलिस को नहीं मिल सका है। सरगना इतना शातिर है कि वो अपने पीछे कोई अहम सुराग नहीं छोड़ गया है। पुलिस को अगर उसकी पकड़ की इकलौती आस है तो वो साइबर सेल है। पुलिस को उसके तीन बड़े एजेंटों के मोबाइल नंबर मिले है। 
भवन के लिए था 11 माह का एग्रीमेंट-
सिविल लाइन पुलिस ने बताया कि लगभग 5 माह से गोरखधंधा  कर रहे मुख्य आरोपी ने हाल ही में गढिय़ा टोला में दलजीत सिंह के मकान में आर्टिफीशियल गैलेरी नाम से आफिस खोला था। उसने गृह स्वामी से किराए के भवन के लिए 11 माह का एग्रीमेंट किया था। मगर, गृह स्वामी के पास कथित सरगना राजेश तिवारी का आधारकार्ड तक नहीं है। उसने स्वयं को जबलपुर निवासी बताकर मकान किराए से लिया था। वो जिस कार नंबर एमपी 09-एचई 1357  का उपयोग करता था वो कार आरटीओ में इंदौर के किसी सरित घोष पिता सारनाथ घोष निवासी बीना नगर सुकुलिया इंदौर के नाम पर दर्ज है। सिविल लाइन पुलिस सरित घोष से संपर्क करने की कोशिश में है। 
प्रभावितों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन-
घर बैठे रोजगार की आड़ में ठगे गए तकरीबन एक सैकड़ा प्रभावितों ने शुक्रवार को यहां अपर कलेक्टर आईजे खलखो को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले प्रभावित पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल से भी मिल चुके हैं। प्रभावितों का मानना है कि जिले के तकरीबन हजार ऐसे लोग हैं,जिन्हें तकरीबन सवा करोड़ की चोट पड़ी है।
 

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