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आईपीएस मीणा के जाति प्रमाण पत्र मामले का हाईकोर्ट ने तलब किया रिकार्ड

आईपीएस मीणा के जाति प्रमाण पत्र मामले का हाईकोर्ट ने तलब किया रिकार्ड

डिजिटलन डेस्क जबलपुर । प्रदेश के आईपीएस रघुवीर सिंह मीणा की जाति प्रमाण पत्र के मामले से संबंधित रिकार्ड हाईकोर्ट ने तलब किया है। सुनवाई के दौरान मीणा की ओर से दावा किया गया कि उन्हें आईजी (विजिलेंस) सीआईडी के जरिए कभी कोई नोटिस मिला ही नहीं। इस दावे की सच्चाई का पता लगाने चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने आईजी को रिकार्ड पेश करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।
सागर जिले में एसपी के पद पर पदस्थ रहे रघुवीर सिंह मीणा की ओर से यह अपील में कहा गया है कि 3 जनवरी 1984 को जारी किया गया अजजा वर्ग के जाति प्रमाण पत्र को उच्च स्तरीय जांच समिति ने 16 नवम्बर 2015 को निरस्त कर दिया था। इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 18 मार्च 2020 को खारिज करके कहा था कि खुद को विदिशा का मूल निवासी बताने वाले मीणा जांच में गुना जिले की चाचौड़ा तहसील के स्थाई निवासी पाए गए और वे ओबीसी वर्ग से संबंधित है। ऐसे में उनका अजजा वर्ग की मीणा जाति का तहसीलदार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का आदेश सही है। एकलपीठ के इसी फैसले को चुनौती देकर यह अपील दायर की गई।
मामले पर हुई सुनवाई के दौरान मीणा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन व अधिवक्ता राहुल चौबे की दलील थी कि 6 नवम्बर 2015 को जिस नोटिस के तामील होने की बात कही गई, वह उनके मुवक्किल को कभी तामील ही नहीं हुआ। इस पर युगलपीठ ने सच्चाई का पता लगाने रिकार्ड पेश करने के निर्देश दिए। शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्पेन्द्र यादव ने पक्ष रखा

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