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होम आइसोलेट का प्रयोग नहीं हुआ सफल 26 दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट पॉजिटिव

होम आइसोलेट का प्रयोग नहीं हुआ सफल 26 दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट पॉजिटिव

डिजिटल डेस्क जबलपुर । बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित (एसिम्टोमेटिक) मरीज के लिए केंद्र सरकार द्वारा घर में जगह होने पर वहीं आइसोलेट किए जाने का प्रयोग शहर में सफल होता नहीं दिख रहा है। यहाँ 50 साल के एक कोरोना पॉजिटिव को 14 दिनों के लिए होम आइसोलेट किया गया, लेकिन वह गुरुवार को 26 दिन बीतने के बाद भी पॉजिटिव ही है। हालाँकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कुछ दिन पहले ही उसके बिना दवाओं के घर में ही रहते स्वस्थ होने की बातें करते रहे, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं हुआ था। संजीवनी नगर निवासी यह व्यक्ति अभी भी संक्रमित है तथा दोबारा 14 दिन के लिए घर में ही आइसोलेट किया गया है। जानकारों का मानना है कि घर में अस्पताल जैसी मॉनीटरिंग संभव नहीं है, वहीं दवाओं का भी इसमें महत्व है। 
दिल्ली से लौटे संजीवनी नगर निवासी उक्त व्यक्ति का रेल अस्पताल में सैंपल लिया गया था। 10 मई को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसी समय गाइड लाइन में हुए बदलाव के बाद घर में आइसोलेट होने के लिए अलग कमरा होने तथा देखरेख के लिए उनकी बेटी की सहमति के बाद इन्हें अस्पताल के बजाय वहीं रखा गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तिलवारा की मोबाइल मेडिकल टीम दिन में उनकी जाँच करने दो बार जाती है, लेकिन इस पर सहज भरोसा नहीं किया जा सकता। करीब एक सप्ताह पहले आइसोलेशन पीरियड खत्म होने के बाद रिपीट सैंपल लिया गया जो पॉजिटिव आया था। उसे फिर से ही घर में आइसोलेट किया गया है। हालाँकि अभी भी उनमें कोई लक्षण नहीं हैं, लेकिन फिर भी वे कैरियर की भूमिका निभा सकते हैं ऐसी संभावना जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग में चर्चा है कि 14 दिन का दूसरा आइसोलेशन पीरियड पूरा होने के बाद भी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उन्हें अस्पताल में रखा जाएगा। 
 

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