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मौसम का बिगड़ा मिजाज -बीते साल जहाँ 46 डिग्री के करीब था अधिकतम तापमान ,इस साल 32 डिग्री पर अटका

मौसम का बिगड़ा मिजाज -बीते साल जहाँ 46 डिग्री के करीब था अधिकतम तापमान ,इस साल 32 डिग्री पर अटका

डिजिटल डेस्क जबलपुर । कुछ दिन अम्फान तूफान ने बंगाल और उड़ीसा में तबाही मचाई तो अब निसर्ग तूफान महाराष्ट्र के साथ मध्य प्रदेश जैसे राज्य को भी परेशान कर रहा है। इसका असर कुछ मुड़कर मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में होने वाला है तो पूर्वी हिस्से में इसकी वजह से मानसून के पहले कुछ बारिश, आँधी, तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। 
इस तूफान और मानसून के पहले की गतिविधियों का असर ही है कि अधिकतम तापमान में अचानक परिवर्तन दर्ज िकया गया। यह परिवर्तन किस स्तर तक पहुँचा इसकी तुलना यदि बीते साल से करें तो बीते साल 3 जून को अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री पर रहा यानी 46 डिग्री के करीब पहुँचा तो इस बार अधिकतम तापमान इसी दिवस में मात्र 32 डिग्री दर्ज किया गया। यही नहीं जो तापमान में गिरावट है 13.6 डिग्री तक है। अभी जो अधिकतम तापमान दर्ज हुआ वह सामान्य से 9 डिग्री तक नीचे है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले साल 3 जून की रात को न्यूनतम तापमान 32.3 डिग्री दर्ज िकया गया था यानी  अधिकतम तापमान न्यूनतम से कम रहा। अभी अधिकतम और न्यूनतम दोनों ही तापमान सामान्य से कम दर्ज िकये जा रहे हैं।  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है िक अभी फिलहाल दक्षिणी हवाओं से नमी आ रही है। पश्चिमी हवाओं से अभी तक गर्मी थी तो हवा का रुख अभी पूरी तरह से दक्षिणी है और इसकी रफ्तार 8 किलोमीटर प्रति घण्टा की है। दक्षिणी हवाओं के साथ जैसे ही पश्चिमी हवा होगी तो कुछ गर्म होकर उमस भरी गर्मी आगे बढ़ेगी। 
मौसम पर एक नजर
अधिकतम तापमान     32 
बीते साल इसी दिन     45.6 
दोनों के बीच अंतर     13.6 
अिध. सामान्य से कम    09 
न्यून. तापमान भी कम     01
अभी और बारिश
निसर्ग तूफान की दिशा मुडऩे की वजह से जबलपुर संभाग में बारिश की संभावना दो से तीन दिनों तक अधिक है। डिण्डौरी, मण्डला, सिवनी, छिंदवाड़ा के साथ जबलपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इसका असर दो से तीन दिनों तक रहेगा। इसके बाद फिर मौसम में बदलाव होगा जिसमें बादलों के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी।
रिमझिम में बार-बार ट्रिपिंग7  शाम के बाद से हल्की सी बूँदाबाँदी होने पर बिजली ने खूब हलाकान किया। शहर के ज्यादातर हिस्सों में ट्रिपिंग होती रही। सिविल लाइन, गढ़ा, पचपेढ़ी, एसबीआई कॉलोनी, बल्देवबाग,  के कुछ हिस्से ऐसे भी रहे जहाँ बिजली के आने-जाने का सिलसिला 5 से 6 बार तक चला। आने वाले दिनों में जब उमस बढ़ेगी, तब होने वाला पॉवर कट हलाकान करने वाला होगा।

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